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Monday, April 6, 2026

“ई-कॉमर्स की मनमानी पर लगे-राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद का गठन समय की मांग: खंडेलवाल”


“ई-कॉमर्स की मनमानी पर लगे-राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद का गठन समय की मांग: खंडेलवाल”



सांसद एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने आज सरकार से ई-कॉमर्स एवं क्विक कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती मनमानी और अनुचित व्यापारिक प्रथाओं पर तत्काल और कठोर कार्रवाई करने की मांग की।



श्री खंडेलवाल ने संसद द्वारा पारित जन विश्वास विधेयक 2.0 का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह कदम विश्वास-आधारित शासन और व्यापार सुगमता को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे देश के व्यापारियों और उद्यमियों में विश्वास बढ़ेगा तथा एक सकारात्मक कारोबारी माहौल तैयार होगा।



कैट राष्टीय अध्यक्ष बी. सी.  भरतिया ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ विदेशी पूंजी से संचालित ई-कॉमर्स कंपनियां भारत के व्यापारिक वातावरण को असंतुलित कर रही हैं।


कैट प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल के कहा कि देश के 9 करोड़ से अधिक व्यापारियों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर रही हैं, जो देश की आपूर्ति श्रृंखला और रोजगार का प्रमुख आधार हैं।


केंट के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र पचौरी ने कहा कि प्रिडेटरी प्राइसिंग, अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग), डार्क पैटर्न्स, मार्केटप्लेस के नाम पर इन्वेंट्री आधारित मॉडल, चुनिंदा विक्रेताओं को प्राथमिकता और डार्क स्टोर्स का तेजी से विस्तार—ये सभी प्रथाएं न केवल प्रतिस्पर्धा के खिलाफ हैं, बल्कि छोटे और मध्यम व्यापारियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुकी हैं।



कैट प्रदेश संरक्षक संदेश जैन ने कहा कि राष्ट्रीय रिटेलर विकास परिषद का गठन होना बहुत ही जरूरी है, इससे व्यापारी भी नजर रखेंगे बहुराष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनियों पर कि वह सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का कहां-कहां उल्लंघन कर रहे हैं।


कैट संभागीय अध्यक्ष दीपक सेठी ने कहा कि “ऐसी कंपनियों को भारत में मनमानी करने की अनुमति नहीं दी जा सकतील मैन लाइन (खुदरा बाजार) और ऑनलाइन व्यापार के बीच समान अवसर सुनिश्चित करना देश की संतुलित और स्थायी आर्थिक वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है,”


कैट प्रदेश सचिव रोहित खटवानी ने कहा कि सरकार से राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति को शीघ्र अंतिम रूप देने, कड़े और पारदर्शी नियम लागू करने तथा इन अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त निगरानी एवं प्रवर्तन तंत्र स्थापित करने की मांग की।


कैट प्रदेश कॉर्डिनेटर (महिला विंग) सीमा सिंह चौहान संस्थागत सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद के गठन की भी मांग की, जिससे व्यापारिक समुदाय को नीति निर्माण में संरचित प्रतिनिधित्व मिल सके।


समय की मांग को देखते हुए राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद का गठन जरूरी (बड़ेरिया)


कैट जबलपुर जिला अध्यक्ष राजीव पड़ेरिया ने कहा, “व्यापार से जुड़े निर्णयों में व्यापारियों की भागीदारी आवश्यक है। राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद के गठन से नीतियां अधिक व्यवहारिक, प्रभावी और जमीनी हकीकत के अनुरूप बन सकेंगी।”


कैट जबलपुर जिला सेक्रेटरी संजय चड्डा  जिला संगठन मंत्री मनोज जसाठी एवं अन्य पदाधिकारी ने एकजुट होकर कहा कि समय की मांग को देखते हुए रिटेलर विकास परिषद का गठन बहुत जरूरी हो गया है, जब भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है, तब यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि विकास समावेशी, निष्पक्ष और संतुलित हो।“मजबूत और संरक्षित व्यापार ही मजबूत भारत की नींव है,


दीपक सेठी 

कैट संभागीय अध्यक्ष 

जबलपुर (मध्य प्रदेश) 9826162271

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