108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी खुशियों की सवारी, एंबुलेंस में गूंजी नवजात की पहली किलकारी
बेमेतरा जिले के आनंदगांव की रहने वाली 24 वर्षीय मानसी यादव के लिए 108 संजीवनी एक्सप्रेस जीवनदायिनी साबित हुई। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें पहले जिला अस्पताल बेमेतरा में भर्ती कराया गया था, जहां स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल रेफर किया।
इसके बाद मरीज को GVK EMRI GHS की 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस से रायपुर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान धरसीवां के पास पहुंचने पर प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। आपात स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस चालक ने तत्काल वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका और निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत एंबुलेंस में ही प्रसव की तैयारी की गई।
26 मई की शाम 8:17 बजे एंबुलेंस के भीतर ही मानसी यादव ने अपने प्रथम शिशु के रूप में एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। नवजात का वजन लगभग 3 किलोग्राम बताया गया है।
इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में 108 एंबुलेंस में तैनात EMT कलावती ने सूझबूझ, तत्परता और कुशलता का परिचय देते हुए सुरक्षित प्रसव कराया, वहीं पायलट नीलमणि ने वाहन संचालन एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित रूप से रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की स्थिति स्वस्थ बताई गई है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि GVK EMRI GHS की 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में त्वरित सहायता और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार निभा रही है।


















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