वन्यजीव संरक्षण में नई मिसाल गढ़ रहे वनमण्डलाधिकारी
भीषण गर्मी में बेजुबानों के लिए जंगलों में बनवाए जीवनदायी जलस्रोत।
खैरागढ़। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के चलते जहां जंगलों के प्राकृतिक जलस्रोत तेजी से सूखते जा रहे हैं, वहीं खैरागढ़ वनमण्डल के वनमण्डलाधिकारी महोदय के संवेदनशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।
वन विभाग द्वारा साल्हेवारा वन परिक्षेत्र के भीतर विशेष अस्थायी वाटर होल तैयार कर वन्यजीवों एवं पक्षियों के लिए पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे भीषण गर्मी के बीच बेजुबान वन्यप्राणियों को बड़ी राहत मिल रही है।
हाल ही में देवसिल्ली कक्ष क्रमांक 322 में कुछ वन्यजीवों एवं पक्षियों के मृत पाए जाने की सूचना प्राप्त होते ही वनमण्डलाधिकारी महोदय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वन अमले को घटनास्थल रवाना किया। विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण, जांच एवं आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक गर्मी एवं जल संकट को घटना का प्रमुख कारण माना गया।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए वनमण्डलाधिकारी महोदय के निर्देशन में जंगलों के भीतर प्लास्टिक लाइनिंग युक्त अस्थायी जलस्रोतों का निर्माण युद्धस्तर पर कराया गया। इन वाटर होल में नियमित रूप से पानी भरकर वन्यजीवों के लिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर बनाए गए जलस्रोत वर्तमान समय में वन्यजीवों के लिए जीवनदायी साबित हो रहे हैं।
वन विभाग की यह पहल केवल राहत कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के प्रति विभाग की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। वनमण्डलाधिकारी महोदय द्वारा क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतत मॉनिटरिंग, नियमित गश्त एवं ट्रेप कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग के इस संवेदनशील एवं मानवीय प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों एवं नागरिकों द्वारा भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में जंगलों के भीतर जलस्रोत तैयार कर वन्यजीवों के जीवन को बचाने का यह कार्य अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं कोई वन्यजीव घायल, बीमार अथवा असामान्य अवस्था में दिखाई दे, तो तत्काल वन विभाग या कंट्रोल रूम को सूचना दें, जिससे समय रहते उपचार एवं संरक्षण संबंधी आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
वन्यजीवों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता को संरक्षित रखने हेतु वनमण्डलाधिकारी खैरागढ़ एवं उनकी टीम द्वारा किया जा रहा यह सराहनीय प्रयास आज पूरे क्षेत्र में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है।



















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