राजनांदगांव
मोदी सरकार पर विभा साहू का बड़ा हमला
देशवासियों को विदेश यात्रा से बचने की सलाह, खुद वर्षभर विदेश दौरे पर रहते हैं मोदी - विभा साहू
वैश्विक संकट से निपटने प्रधानमंत्री की अपील हास्यास्पद - विभा
सोना महिलाओं का स्वाभिमान बताने वाले मोदी आज सोना खरीदने से कर रहे मना - विभा साहू
महंगाई, सोना खरीदने की सलाह और केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
राजनांदगांव।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 5 अर्जुनी की जिला पंचायत सदस्य विभा साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि अब प्रधानमंत्री से देश नहीं संभल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों और लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है तथा देश की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है।
श्रीमती साहू ने कहा कि रसोई गैस, डीजल-पेट्रोल और रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। गरीब और मध्यम वर्ग आज सबसे अधिक परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसमें लोगों से एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की गई थी। इस पर निशाना साधते हुए विभा साहू ने कहा कि यदि देश का प्रधानमंत्री जनता से यह कहने लगे कि एक साल तक सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करो और गैस की खपत घटाओ, तो इसका सीधा अर्थ है कि सरकार हालात संभालने में असफल हो चुकी है और देश को अस्थिरता की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि भारत में बेटी की शादी में सोना देना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में लोगों को सोना नहीं खरीदने की सलाह देना करोड़ों परिवारों की भावनाओं और परंपराओं का अपमान है। विभा साहू ने तंज कसते हुए कहा कि विगत दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सोना महिलाओं का स्वाभिमान है लेकिन आज वही प्रधानमंत्री सोना खरीदने से मना कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश की जनता प्रधानमंत्री के किस बयान पर भरोसा करे? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर लोग एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे, तो क्या बेटियों की विदाई लोहे और तांबे के गहनों से करनी पड़ेगी और अगले वर्ष जब सोना सस्ता होगा, तब उन्हें सोने से बदलना पड़ेगा? यह सलाह न केवल अव्यावहारिक है बल्कि आम परिवारों की भावनाओं का मजाक उड़ाने जैसी है। श्रीमती साहू ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अधिकांश सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंप दिया है। डीज़ल पेट्रोल की खपत कम करने मोदी की अपील अनुरूप उन संस्थानों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों को घर पर काम करने से क्या निजी संस्थान उनके मासिक वेतन प्रदाय करेंगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं के जरिए महिलाओं को धुआँ रहित रसोई का सपना दिखाया गया था, आज वही सरकार उन्हें फिर से धुएँ वाले चूल्हों की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने प्रधानमंत्री को देश की बागडोर विकास और जनकल्याण के लिए सौंपी है न कि ऐसी अशोभनीय और अव्यावहारिक अपीलें करने के लिए। अंत में विभा साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे देश के विकास को गति दें, महंगाई पर नियंत्रण करें और जनता को राहत पहुंचाएं बजाय इसके कि वे अपनी नाकामियों का बोझ देशवासियों पर डालने का प्रयास करें।
सी एन आई न्यूज़ के लिए संतोष सहारे की रिपोर्ट


















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