राहौद की रिद्धांशी बनी अबेकस चैंम्पियन
दस मिनट में किये गणित के दो सौ प्रश्न हल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा - जिले के टेम्पल सिटी शिवरीनारायण के तक्षशिला विद्यालय में कक्षा तीसरी में अध्ययनरत छात्रा कु० रिद्धांशी साहू (09 वर्षीया) ऑनलाइन अबेकस क्लास रेणुका शर्मा मैम जांजगीर के यहां ज्वाइन की थी। गत दिवस रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित स्टेट लेवल के कॉम्पिटीशन में ये लिस्निंग कम्पीटिशन में फर्स्ट रनर अप और विजुअल कम्पीटिशन में चैंपियन रही। मूल रूप से राहौद निवासी रिद्धांशी के पिता विश्वा साहू और माता रिंकी साहू बताती हैं कि जब रिद्धांशी साहू अबेकस क्लास ऑनलाइन ज्वाइन की थी तो सभी स्टूडेंट की तरह मैथ्स में एक एवरेज स्टूडेंट थी। लेकिन इस समय वे अपने से बड़े क्लास के बच्चों को तगड़ा कम्पटीशन दे रही हैं। रिद्धांशी साहू के लिये आज मैथ्स बांये हाथ का खेल बन गया है , जहां आज बड़े उम्र के लोग कैलकुलेटर के बिना रोजमर्रा का हिसाब किताब भी पहाड़ लगाने लगता है वही रिद्धांशी साहू कैलकुलेटर से स्पीड क्वेश्चन चुटकी में सॉल्व कर देती हैं। वहीं अबेकस क्लास की मैम रेणुका शर्मा बताती हैं कि अबेकस क्लास छह वर्ष से तेरह वर्ष के ही बच्चों के लिये है। सप्ताह में दो दिन एक घंटे के लिये ऑनलाइन क्लास लेती है , जहां अलग - अलग नौ स्टेप की पढ़ाई एक अलग तरीके से कराई जाती है। नये तरीके से पढ़ाये जाने के कारण बच्चे दिलचस्पी लेकर पढ़ते है और मैथ्स का डर खत्म हो जाता है। इसके साथ ही साथ पढ़ाई से संबंधित बच्चों के छुपे हुये स्किल को डेवलप करने के लिये अलग - अलग प्रैक्टिस कराया जाता है , जिससे बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में मैथ्स के क्वेश्चन चुटकी में सॉल्व तो करते ही हैं। साथ ही साथ लिखने की स्पीड , सुनकर समझने की स्पीड दुगुने से अधिक हो जाती है। इसके अलावा यहां फ्लैश कार्ड एक्टिविटी , ब्रेन डेवलपमेंट एक्सरसाइज कराई जाती है , जिससे बच्चे सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक समझदार , स्मार्ट और पढ़ाई में तेज बनते है।


















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