Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Tuesday, August 18, 2026

शासकीय प्राथमिक शाला नगझर में शिक्षक की कमी,50 बच्चों की पढ़ाई एक शिक्षक के भरोसे

 शासकीय प्राथमिक शाला नगझर में शिक्षक की कमी,50 बच्चों  की पढ़ाई एक शिक्षक के भरोसे



सक्ती - जिले के विकासखंड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत नगझर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है।




 विद्यालय में करीब 50 बच्चे अध्ययनरत हैं, जबकि वर्तमान में केवल एक शिक्षक पदस्थ हैं। ऐसे में एक ही शिक्षक पर पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।


इस संबंध में ग्राम पंचायत नगझर के पूर्व सरपंच शिव सागर मधुकर ने 17 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी, सक्ती को आवेदन सौंपकर विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग की है।


आवेदन में उल्लेख किया गया है कि एक शिक्षक द्वारा 50 बच्चों एवं पांच कक्षाओं का संचालन करना काफी कठिन है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए विद्यालय में कम से कम दो अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं व्यवस्थित शिक्षा मिल सके।


पूर्व सरपंच ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नगझर प्राथमिक शाला में तत्काल दो अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की कमी का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को इस समस्या का जल्द निराकरण करना चाहिए।


अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग विद्यालय में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad