जब कंधे पर विराजे "नन्हे महादेव"
कवर्धा, 3 अगस्त 2026। सावन के पहले सोमवार को कवर्धा के बूढ़ा महादेव मंदिर से भोरमदेव मंदिर तक निकली 18 किलोमीटर की पदयात्रा में एक दृश्य हर किसी का ध्यान खींच रहा था। एक श्रद्धालु अपने कंधों पर भगवान शिव के स्वरूप में सजे नन्हे बालक को बैठाकर पूरी आस्था के साथ पदयात्रा कर रहा था। भगवान शिव के प्रतीक नीले रंग से सजे बालक के गले में नाग, हाथ में डमरू और माथे पर त्रिपुंड शिव के बाल स्वरूप का जीवंत चित्र प्रस्तुत कर रहे थे। यह नन्हा 'महादेव' मानो श्रद्धा और विश्वास का संदेश दे रहा था कि भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन की यात्रा में साथ चलने वाला भाव है। भोरमदेव पदयात्रा में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं, लेकिन ऐसे दृश्य इस यात्रा को आस्था और संस्कृति के जीवंत उत्सव में बदल देते हैं।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.