पुरेना में नाग पंचमी मनाया गया बच्चों ने कुश्ती में किस्मत अजमाया
सर्व प्रथम शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष राम किशुन जंघेल ने ब्लैक बोर्ड पर बने नाग देवता का बच्चों के साथ पूजन अर्चन किए नारियल फूल प्रसाद चढ़ाए उसके पश्चात प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन ने पौराणिक कथाओं को बताया कि महाभारत काल में राजा परीक्षित और जनमेजय और तक्षक नाग की कथा को विस्तार से बताया उसके बाद शेष नाग की कथा बताया हमे किसी भी जीव जंतु को छेड़खानी नहीं करना चाहिए इस दुनिया में सभी को जीने का आधार है अचानक कोई भी सर्प किसी पर हमला नहीं करता है इस पूरी दुनिया में अलग _अलग प्रजाति के सर्प होते हैं ,कोई सूखा तो कोई गीला स्थान पर रहते हैं, कुछ नार्मल होते हैं तो कोई अत्यधिक जहरीले होते हैं ,वे अपनी_ अपनी प्रकृति के अनुसार स्थानों पर रहते हैं,हमें अचानक कभी सर्प हमला कर दे तो बैगा गुनिया के चक्कर में न पढ़कर तुरंत ही चिकित्सीय लाभ लेना चाहिए।आज ही के दिन विशेष जड़ी बूटी का पूजन किया जाता है,जो लोग गुरु दीक्षा वाले रहते हैं वे लोग विशेष पूजन करते हैं बड़े बड़े अखाड़ों में आज के दिन कुश्ती लड़ाया जाता आज हमारे स्कूल में भी कुश्ती लड़ाया गया और नाग देवता का चित्र बनाया गया।
आज ही छुईखदान से ॐ शांति वाली दीदियों का आगमन हुआ था उन्होंने बच्चों को नैतिक, व्यवहारिक शिक्षा के साथ नशा मुक्ति अभियान के बारे में विस्तार से बताई साथ ही नशा न करने का संकल्प कराई। यह जानकारी प्रधान पाठक तुलेश्वर कुमार सेन ने दी



















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