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Tuesday, September 8, 2026

सघन प्रयासों से कबीरधाम में मलेरिया पर लगा प्रभावी अंकुश, 10 वर्षों में एपीआई 10 से घटकर 1 हुआ मलेरिया नियंत्रण में कबीरधाम जिले को मिली सफलता घर-घर जांच और प्रभावी मच्छर नियंत्रण से कबीरधाम बढ़ा ‘मलेरिया-मुक्त’ की ओर

 सघन प्रयासों से कबीरधाम में मलेरिया पर लगा प्रभावी अंकुश, 10 वर्षों में एपीआई 10 से घटकर 1 हुआ



मलेरिया नियंत्रण में कबीरधाम जिले को मिली सफलता


घर-घर जांच और प्रभावी मच्छर नियंत्रण से कबीरधाम बढ़ा ‘मलेरिया-मुक्त’ की ओर


कवर्धा, 07 सितंबर 2026। कबीरधाम जिले में मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिले में सघन सक्रिय निगरानी, मलेरिया की शीघ्र जांच एवं पूर्ण उपचार के साथ मच्छर नियंत्रण की प्रभावी गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप विगत 10 वर्षों की तुलना में जिले का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) लगभग 10 से घटकर 1 के स्तर पर आ गया है। यह उपलब्धि जिले को मलेरिया-मुक्त कबीरधाम की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

मलेरिया नियंत्रण के लिए जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर वहां विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत विकासखंड बोड़ला के 113 ग्राम एवं विकासखंड सहसपुर लोहारा के 16 ग्रामों में घरों के अंदर मच्छर नियंत्रण के लिए अवशिष्ट कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। मलेरिया संवेदनशील ग्रामों में पूर्व में राज्य शासन द्वारा लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली कीटनाशक मच्छरदानियां वितरित की गई थीं। वर्तमान में जनप्रतिनिधियों द्वारा अति मलेरिया संवेदनशील ग्रामों में भी कीटनाशक मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरदानियों का नियमित उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर लार्वा स्रोत प्रबंधन के माध्यम से नियंत्रण की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही इंजन ऑयल की गोलियों का उपयोग कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने की गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इससे मच्छरों के प्रजनन को रोकने में मदद मिल रही है। मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की मलेरिया जांच कर रही हैं। जांच में मलेरिया से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में मितानिनों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों, आश्रमों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सीआरपीएफ कैंपों में भी नियमित रूप से मलेरिया की जांच की जा रही है। इस कार्य में शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति कल्याण विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है।

जिले के दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण को लेकर विशेष तैयारी की गई है। ऐसे क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव, मच्छरों से सुरक्षा, मच्छरदानी के उपयोग तथा समय पर जांच एवं उपचार के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया की रोकथाम एवं बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ी है। मलेरिया नियंत्रण की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्रीय संस्थाओं के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है। क्षेत्र स्तर पर नियमित निरीक्षण, कार्ययोजना तैयार करने तथा सामने आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मलेरिया प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बीमारी के प्रसार को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।

इन सभी प्रयासों का परिणाम जिले में मलेरिया के मामलों में आई उल्लेखनीय कमी के रूप में सामने आया है। वर्तमान में विकासखंड बोड़ला के कुछ ग्रामों में ही मलेरिया के प्रकरण सामने आ रहे हैं, जबकि जिले के अन्य तीन विकासखंडों में मलेरिया के प्रकरण अपवाद स्वरूप हैं अथवा नहीं हैं। यह स्थिति जिले में मलेरिया नियंत्रण के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। कबीरधाम जिले में मलेरिया नियंत्रण की यह सफलता केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि इसमें मैदानी स्वास्थ्य अमले, मितानिनों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। घर-घर जांच, संक्रमित मरीजों का समय पर उपचार, मच्छर नियंत्रण, कीटनाशक मच्छरदानियों का उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता ने मलेरिया नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाया है।

विगत 10 वर्षों में वार्षिक परजीवी सूचकांक का लगभग 10 से घटकर 1 के स्तर पर पहुंचना कबीरधाम जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि “मलेरिया-मुक्त कबीरधाम” के लक्ष्य की दिशा में जिले की मजबूत प्रगति को प्रदर्शित करती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसी निरंतरता के साथ सघन निगरानी, शीघ्र जांच, पूर्ण उपचार एवं प्रभावी मच्छर नियंत्रण गतिविधियां जारी रखते हुए जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट

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