शहीद भगत सिंह जयंती, उनके बलिदान को शत-शत नमन।
सी एन आइ न्यूज -पुरुषोत्तम जोशी। भारत देश क्रांतिकारी और वीरों की जन्मभूमि है , हमारे देश को आजाद करवाने में देश के कई देश भक्तों ने बलिदान दिए हैं। उनमें शहीद भगत सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत मां के वीर सपूत शहीद भगतसिंह की जयंती हर साल 28 सितंबर को मनाई जाती है। उनका जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर जिले के बंगा गाँव(जो अब पाकिस्तान में है) में एक देशभक्त सिख परिवार में हुआ था।
क्रांतिकारी शुरुआत: मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के प्रभाव को देखा, जिसने उनके मन में ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ क्रांति की चिंगारी पैदा कर दी।
इंकलाब जिंदाबाद: उन्होंने 'इंकलाब जिंदाबाद' (क्रांति अमर रहे) के नारे को देश के कोने-कोने में लोकप्रिय बना दिया।
सेंट्रल असेंबली बम कांड: अंग्रेजी सरकार के दमनकारी कानूनों का विरोध करने और "बहरों को सुनाने" के लिए उन्होंने 1929 में बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर दिल्ली की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली में बम फेंका।
सर्वोच्च बलिदान: 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में उन्हें सुखदेव और राजगुरु के साथ हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ा दिया गया। इस दिन को भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।


















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