विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का आयोजन सम्पन्न
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा - शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माधुरी तिग्गा और डॉ. इंदु साधवानी के द्वारा विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता और आत्महत्या रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। पूरे विश्व के साथ ही जांजगीर जिले में भी सैकड़ों की संख्या में प्रतिवर्ष मानसिक अवसाद के कारण लोग आत्महत्या कर रहे हैं , जिस सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है , जिससे लोगों में आत्महत्या की प्रवृति कम हो। इस जागरूकता कार्यक्रम में आत्महत्या रोकथाम के मुख्य उपायों में बताया गया कि यदि मन में चल रही परेशानियों , तनाव या निराशा को अपने परिवार , दोस्तों या किसी विश्वासपात्र व्यक्ति के साथ खुलकर साझा करें तब हम अपने को लोगों को इससे बचा सकते है। यदि कोई व्यक्ति तनाव या अवसाद के संकेत दे रहा हो , तो बिना किसी पूर्वाग्रह के उसकी बात ध्यान से सुनकर उसके प्रति सहानुभूति रखना एवं जीवन में आने वालीं समस्या और उसके निराकरण के बारे बताकर हल निकाला जा सकता है। अत्यधिक मानसिक तनाव की स्थिति में बिना किसी झिझक के काउंसलर , मनोचिकित्सक या हेल्प लाइन नंबरों की मदद लेना चाहिये। भारतीय परिवेश में मनोचिकित्सक , काउंसलर से मिलना ठीक नहीं समझा जाता यह समझा जाता है कि मनोचिकित्सक , काउंसलर से पागल व्यक्ति ही मिलता है इस गलतफहमी को भी दूर करना है। ताकि यदि व्यक्ति के जीवन में मानसिक परेशानी हो या अवसाद में हो तो जरूर सलाह लें। नियमित व्यायाम , योग, संतुलित आहार और परिवार व मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताकर मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाये। विभाग के प्राध्यापकों ने कहा कि सही समय पर संवाद और संवेदनशीलता दिखाकर किसी भी व्यक्ति को निराशा के दौर से बाहर निकाला जा सकता है। कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ माधुरी तिग्गा , डॉ इंदु साधवानी प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।


















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