राजधानी रायपुर में विवाहित महिलाओं ने सातूड़ी तीज का निर्जला व्रत रखा ,रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर उपवास खोला।
सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर -कजली तीज या सातूडी़ तीज के दिन का हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान होता है, विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह कजरी तीज या सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है।
भादो मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजली तीज त्योहार हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष यह त्योहार 31 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया गया। कजरी तीज के दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखा। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। सुहागिन महिलाओं 31अगस्त सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पर्वती की एवं नीमड़ी माता की पूजा करी । नीमड़ी माता की विधिवत पूजा कर उन्हें केला, सेब, सत्तू, नींबू, ककड़ी, रोली, अक्षत इत्यादि अर्पित किया । महिलाओं ने मेवे से बने प्रसाद का भोग लगाकर शाम को चंद्र देव को अर्घ्य दिया और उसके बाद उपवास खोला ।
डी डी नगर निवासी श्रीमती राखी शर्मा ने बताया कि उन्होंने
कजली तीज का व्रत पति के दीर्घायु होने और उनके सुखमय जीवन के लिए व्रत रखा हैं, और भगवान से पति की लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना की है।



















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