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Friday, September 4, 2026

धौराभाठा जलाशय परियोजना प्रभावित किसानों का धरना जारी लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और वैधानिक अधिकार दिलाने की मांग, अम्बेडकर वाहिनी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन

 धौराभाठा जलाशय परियोजना प्रभावित किसानों का धरना जारी



लंबित मुआवजा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और वैधानिक अधिकार दिलाने की मांग, अम्बेडकर वाहिनी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण आंदोलन


बिलाईगढ़। धौराभाठा जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों के लंबित मुआवजा प्रकरणों के निराकरण की मांग को लेकर अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में किसानों का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी है। प्रभावित किसानों का कहना है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बावजूद कई किसानों को अब तक उनके हक का मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसके चलते किसानों को लंबे समय से आर्थिक परेशानी के साथ ही विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।


अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन से प्रभावित किसानों के लंबित मुआवजा प्रकरणों का तत्काल परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से निराकरण करने की मांग की गई है। संगठन ने कहा है कि जो किसान मुआवजा पाने के पात्र हैं, उन्हें उनकी अधिग्रहित भूमि का नियमानुसार एवं देय मुआवजा शीघ्र प्रदान किया जाना चाहिए।


प्रभावित किसानों की प्रमुख मांगें


धरनारत किसानों और अम्बेडकर वाहिनी ने प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें लंबित मुआवजा प्रकरणों की तत्काल जांच एवं समयबद्ध निराकरण, पात्र किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि का विधिसम्मत एवं देय मुआवजा शीघ्र प्रदान करना तथा प्रभावित किसानों के न्यायोचित एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है।


अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ के संस्थापक एवं प्रदेशाध्यक्ष मनीष चेलक ने कहा कि प्रभावित किसान लंबे समय से अपने मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसानों को अपने ही अधिकार के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं हो पाया है।


उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित प्रकरणों का निष्पक्ष एवं गंभीरता से परीक्षण किया जाए तथा पात्र किसानों को उनके वैधानिक अधिकार के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। चेलक ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए और शासन-प्रशासन को उनकी समस्या का शीघ्र समाधान करना चाहिए।


उन्होंने स्पष्ट कहा, “किसानों के वैधानिक अधिकारों के लिए हमारा शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष न्याय मिलने तक जारी रहेगा।”


धरना स्थल पर किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता जताते हुए प्रशासन से वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पात्र हितग्राहियों को जल्द मुआवजा दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करेगा।

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