Kamarchhath-2026संतान की दीर्घायु कामना के लिए महिलाओं ने रखा कमरछठ व्रत।
सी एन आइ न्यूज -पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर -राजधानी रायपुर में
कमरछठ (जिसे हलषष्ठी भी कहते हैं) भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू व्रत है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है, बलराम जी का मुख्य शस्त्र हल है
इसलिए इस दिन महिलाएं बिना हल जोते स्वत: उगने वाले पसहर चांवल और छह प्रकार की भाजी का सेवन करती हैं,इस दिन गाय के दूध दही का सेवन वर्जित माना जाता है। राजधानी रायपुर की महिलाओं ने मंदिरों में और अपने निवास में सगरी बनाई और विधि-विधान से पूजा कर संतान के सुख-समृद्धि एवं लंबी उम्र की कामना की। लाखेनगर (सारथी चौक) स्थित शिव बजरंग मंदिर में महिलाओं ने पंडित जी के मार्गदर्शन में पूजन कर संतान के सुख-समृद्धि की कामना की।
इस व्रत में सूर्यास्त के बाद से लेकर चांद निकलने तक बैठने की मनाही होती है और लगातार खड़े रहना पड़ता है,।
चंद्रमा के उदय होने पर उन्हें जल से अर्घ्य दिया जाता है, उनकी पूजा की जाती है और इसके बाद ही व्रत खोला जाता है।



















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