Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Sunday, April 19, 2020

जगदलपुर आज एक 40 वर्ष के चल फिर ना सकने एवम् बेहोश मरीज़ का, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के रेडियोडियाग्नोसिस विभाग में

  बासूकी ठाकुर, जगदलपुर आज को एक 40 वर्ष के चल फिर ना सकने एवम् बेहोश मरीज़ का, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के रेडियोडियाग्नोसिस विभाग में मस्तिष्क की एंजियोग्राफी जांच की गई । इस जांच में रक्त वाहिकाओं की बीमारी जैसे थक्का जमना या किसी प्रकार के ट्यूमर का पता लगाया जा सकता है । एम डी रेडियोडियाग्नोसिस, डॉ. मनीष मेश्राम द्वारा उक्त मरीज़ के आरंभिक सीटी स्केन से ही मरीज़ के बाएं मस्तिष्क के काफी बड़े हिस्से में रक्त प्रवाह रुकने की वजह से हुए क्षति एवम् संबंधित रक्त वाहिकाओं में थक्का होने का पता लगाया गया जिसकी सही सही पुष्ठी एंजियोग्राफी जांच द्वारा कर दी गई। इस प्रकार की बीमारी का शीघ्र पता लगाकर मस्तिष्क के बड़े क्षति को मेडिसिन या अन्य चिकित्सकीय विकल्प द्वारा काफी हद तक रोका जा सकता है। एंजियोग्राफी कि जांच होना एवं उसकी रिपोर्टिंग हो पाना, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर के लिए एक नवीन पड़ाव है जो कि बस्तर अंचल जैसे नक्सली क्षेत्र के मरीजों के लिए चिकित्सकीय तौर पर काफी लाभप्रद साबित होगा। इसके पूर्व इस प्रकार की जांच हेतु बस्तर के मरीजों को रायपुर या फिर अन्य राज्यो का रुख करना पड़ता था, किन्तु अब यह सुविधा जगदलपुर के ही मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हो गई है।
इसके अलावा आज दिनांक को ही एक अन्य प्रकार की सीटी स्कैन जांच की शुरुआत की गई जिसे CECT ABDOMEN (TRIPPLE PHASE)  कहा जाता है। इस जांच से लीवर, पैंक्रियाज एवं स्प्लीन या तिल्ली जैसे अंगो की बीमारी का पता लगाया जाता है एवं यह सुनिश्चित किया जाता है कि वो किसी प्रकार का कैंसर या अन्य कोई बीमारी, ताकि सही तरीके के उपचार की ओर अग्रसर हुआ जा सके।
उपरोक्त दोनों ही प्रकार के जांच अस्पताल अधीक्षक डॉ के एल आज़ाद,  रेडियोलॉजिस्ट डॉ मनीष मेश्राम, सीटी टेक्नीशियन अरुण साहू, शिवेंद्र एवं पुष्पा कि उपस्थिति रही । इन सभी के सहयोग द्वारा इस प्रकार की बड़ी जांच का होना संभव हो पाया है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad