गिरीश जोशी, जिला -कोंडागांव : छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जंग लड़ने में स्वास्थय कर्मियों की भूमिका अहम् है। ऐसे में एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ऐसी भी हैं जो खुद प्रसव के अंतिम पड़ाव पर होने के बावजूद कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकने के लिए दिन-रात लोगों की सेवा में जुटी हुई है और वह भी सोचे बिना कि वह ऐसे संवेदनशील समय में समाज के प्रति अपने कर्त्तव्य और मिली जिम्मेदारी के बीच सेवा को प्राथमिकता दे रही है और साथ ही खुद और परिवार को लेकर भी एहतियात बरत रहे हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए ताकि आप और हम सुरक्षित रह सकें।

उप स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ वेलनेस सेंटर केरावाही में पदस्थ स्वास्थ्य संयोजक संतोषी मानिकपुरी खुद प्रसव अंतिम माह में होकर भी अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य को सेवाभाव से कर रही है। इस गांव के गर्भवती महिलाएं भी अपना प्रसव इनके हाथों में कराना चाहती है साथ ही मितानिन इनके कार्यों की हमेशा सराहना करती हैं। आज इस गांव में संस्थागत प्रसव 100% है व मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु नगण्य हो गई है। ऐसे स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की पूरे देश को आज अत्यंत आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक प्रेरणा स्रोत है। इन्होंने अपने सेवाकाल में बहुत कम छुट्टियां ली। इन्हें अभी हाल में कोंडागांव जिला कलक्टर द्वारा उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया है। स्वयं गर्भवती होने के बावजूद भी इनके द्वारा कोरोना वायरस के महामारी के चलते जो गाँव होम कोरेंनटाइन में रखे हुए तथा अन्य राज्यों से आये हुए कामगार ग्रामीण मजदूरों को देख रेख और मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंस, हाथ धुलाई, सहित अन्य सावधानियों की समझाइश देते हुए अपने क्षेत्र में डटी हुई है। इन्होंने केरावाही व ग्राम पंचायत वाड्रा में 50 से भी अधिक दूसरे राज्य से मजदूरी करके लौटे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें घर घर जाकर वायरस से बचाव की सलाह दे रही है। इनसे हुई चर्चा में उन्होंने बताया कि आज देश के लिए सेवा करने का अवसर मिला है तो मैं अपना पूरा योगदान देना चाहूंगी l स्वयं के स्वास्थ्य के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिनभर कार्य करने के बाद रात में बहुत तकलीफ होती है कमर दर्द आदि व कभी- कभी रात भर सो नहीं पाती हैं, किंतु सुबह होते ही ईश्वर से मुझे पुनः कार्य करने की शक्ति मिल जाती है और उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारी बीएमओ, बीईटीओ, सेक्टर डॉक्टर, सुपरवाइजर, व सरपंच, सचिव तथा मितानिन के साथ अच्छा समन्वय बनाकर वे कार्य करती हैं और इन कार्यों में इन सब का मुझे पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग में प्रथम नियुक्ति ओरछा जैसे जटिल क्षेत्रों में कर चुकी है। जहां आवागमन की सुविधा नहीं है वह वहां भी साइकिल व पैदल चल कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देती रही।


इस विषय पर खंड चिकित्सा अधिकारी विखं माकड़ी के डॉक्टर देवेश घरत संतोषी मानिकपुरी के कार्यों की सराहना करते कहते है कि ऐसे ही कार्यकर्ताओं की आज आवश्यकता है। इस संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने कर्तव्य को निभाना अनुकरणीय है।
No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.