Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Friday, June 5, 2020

घरघोड़ा : करोड़ों के कोयले में लगी भीषण आग, लाखों का कोयला हुआ जलकर राख, एसईसीएल जामपाली प्रबंधन की लापरवाही या फिर कोई बड़े घोटाले की तैयारी*


घरघोड़ा (राजा शर्मा) : यूं तो पिछले सालों में एसईसीएल की जामपाली कोयले की खदान पूरे नेशनल लेवल में अपने चरण भ्रष्टाचार के लिए सुर्खियों में बदनाम हो चुकी लेकिन आज भी अपने लापरवाही से बाज नहीं आ रही जामपाली प्रबंधन कि कोई बड़े स्तर में  घोटाले करने की तैयारी से इनकार नहीं किया जा सकता
                    घरघोड़ा क्षेत्र के अंतर्गत एसईसीएल की जामपाली एवं बारोद कोयले की ओपन कास्ट खदान वर्षों से संचालित है पिछले कई बार खदानों में हुए बड़े पैमाने पर घोटालों की जांच केंद्रीय स्तर तक की गई जिस पर कई खामियां उजागर हुई थी उसके बावजूद जामपाली प्रबंधन द्वारा लापरवाही देखने को मिल रही है करोड़ों रुपए केअच्छे ग्रेट के कोयले में भीषण आग पिछले कई दिनों से लगी हुई है आते जाते मुख्य मार्ग से भी आग की लपटें देखी जा सकती है, सूत्रों से जानकारी मिली है कि जामपाली खदान के प्रबंधक का स्थानतरण होकर नया प्रबंधक ने प्रभार लिया है देखना यह है कि नए प्रबंधक के साथ एक बड़ी चुनौती सामने है कि पिछले हुए घोटालों को उजागर करते हैं या फिर हमेशा की तरह मामले दबा दिए जाएंगे

*एसईसीएल प्रबंधन में आग बुझाने के सारे इंतजाम होने के बावजूद लापरवाही क्यों हजारों रुपए के डीजल रोज हो रहे है खपत*

 बताया जा रहा है कि एसईसीएल प्रबंधन के पास खदान में लगी आग को बुझाने के लिए सारे इंतजाम व्यवस्थाएं मौजूद है लेकिन उसके बाद भी आग पर काबू नहीं कर पाना किसी बड़े घोटाले का संदेह पैदा करती है सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई है कि रोजाना हजारों रुपए के डीजल पानी टैंकरों में तथा अन्य मशीनों में खपत की जाती है अगर जब आग बुझाने के संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है तो फिर आग पर काबू क्यों नहीं पाया जा रहा इसकी सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए आखिर हजारों रुपए के डीजल रोजाना कहां खपत की जा रही है

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad