समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ में COVID-19 के बढ़ते हुए संक्रमण के आंकड़ों को देखते हुए पुनः एक बार संपूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने की सिफारिश मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मार्च में समूचे भारत वर्ष में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, उसके बाद छत्तीसगढ़ में यह स्थिति बहुत ही नियंत्रित थी। लेकिन देश में लॉकडाउन खोलने के बाद यह स्थिति बहुत ही भयावह हो गई है जिसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला है। छत्तीसगढ़ में आए दिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ मंत्री की टीएस सिंहदेव के अथक प्रयासों के बावजूद भी यह स्थिति अब हाथ से निकलती हुई दिखाई दे रही है क्योंकि सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का लोग सख्ती से का पालन नहीं कर रहे हैं। कारण है, लोगों का खुलेआम घरों से बाहर निकलना। यह बात सही है कि घर से बाहर निकलना हम सब की मजबूरी है क्योंकि रोजी रोटी कमाने और काम-काज के लिए घरों से बाहर तो निकलना ही पड़ेगा। लेकिन हमारा स्वास्थ्य ही हमारी प्राथमिकता है, क्योंकि अगर हम स्वस्थ नहीं रहेंगे और इस कोरोना वायरस से ग्रसित हो जाएंगे तो उसके कारण हम अपने परिवार, अपने आस पड़ोस, अपने समाज, अपने शहर और अपने प्रदेश को भी संक्रमित कर देंगे।
प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जब तक प्रदेश में हमारे पास कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन और इसके इलाज के लिए दवाइयाँ उपलब्ध नहीं हो जाती हैं, तब तक प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस महामारी से निपटने के लिए सरकारी नियमों का पालन करते हुए इस संक्रमण से स्वयं और सबकी रक्षा करने के लिए खुद ही सतर्क रहे और सावधानी रखते हुए काम करे। प्रदेश की राजधानी रायपुर और पूरे प्रदेश में जिस प्रकार से रोज को कोरोना पॉजिटिव मरीजों के आंकड़ों में बढ़ोतरी हो रही है उसके मद्देनजर प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय है, जब तक हमारे पास वैक्सीनेशन उपलब्ध ना हो जाए।
*प्रकाशपुन्ज पाण्डेय,*
*राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी,*
*रायपुर, छत्तीसगढ़*
7987394898, 9111777044


















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