अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर -- प्रदेश में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 15 दिन में गोबर खरीदी की राशि मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में वन विभाग के कार्याें की समीक्षा के दौरान अधिकारियों से कहा कि गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई को गोबर खरीदी से शुरू कर दी गयी थी। इसके लिये पन्द्रहवें दिन 05 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को राशि का भुगतान किया जायेगा। इसकी घोषणा होते ही गोबर विक्रेताओं में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके लिये मुख्य सचिव को सहकारी और ग्रामीण बैंकों सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर सभी तैयारियांँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। गोबर विक्रेताओं से क्रय किये गोबर की राशि उनके खाते में सीधे अंतरित की जायेगी। वहीं गौठानों में गोबर खरीदी का समय निर्धारित करने के साथ गौठानों में वेटनरी डॉक्टरों और गौ-सेवकों के भ्रमण के कार्यक्रम भी तय करने और लोगों की जानकारी के लिए गौठानों के सूचना पटल में प्रदर्शित करने के निर्देश दिये हैं। गौठानों और चारागाहों की देखभाल के लिये ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। इस बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ० शिवकुमार डहरिया, स्कूल शिक्षामंत्री डॉ० प्रेमसाय सिंह टेकाम और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अम्बिकापुर से स्वास्थ्य मंत्री टी०एस० सिंहदेव , संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और चंद्रदेव प्रसाद राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा और रुचिर गर्ग, मुख्य सचिव आर०पी० मंडल, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ० एम०गीता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव डी०डी० सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक राकेश चतुर्वेदी उपस्थित थे।


















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