अभाविप जिला संयोजक अमर महंत ने कहा की इस व्याख्याता भर्ती परीक्षा के परिणामों की वैधता 30 सितंबर को खत्म होने से पहले पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही है? छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी होने के कारण नियुक्ति शीघ्रातिशीघ्र की जानी चाहिए थी फिर भी पदस्थापना में इतना विलम्ब करना उचित नही हैं। जिला सह संयोजक आयुष शर्मा ने कहा की शिक्षक भर्ती के विषय पर ही आर्थिक संकट का बहाना क्यों, जबकि इसे पिछले सत्र के बजट में ही शासन द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। नियमित शिक्षकों को न लेकर समान वेतन पर ही संविदा भर्ती करना समझ से परे हैं।
शिक्षक-अभ्यर्थियों और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षक भर्ती 2019 की पदस्थापना संबंधी इस प्रक्रिया को आगे न बढ़ाने पर परिषद 28 अगस्त को प्रदेश के सभी विकासखंड मे सांकेतिक धरना प्रदर्शन आन्दोलन हेतु बाध्य होगी।
ज्ञापन देते वक़्त मुख्य रूप से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमंत पैगवार, नवीन साहू, मनोबल जाहिरे, नगर मंत्री आशुतोष सोनी, अरविंद जयसवाल, आकाश यादव, सनी बरेठ, करण यादव, यमन वैष्णव आदि कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
नरेन्द्र कुमार के साथ लक्ष्मी महंत की रिपोर्ट



















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