साल्हेवारा:--ये वो लोग है जो अपना व अपने परिवार का बेहतर पालन पोषण कर सके व जीवन स्तर को उन्नत बना सके इस हेतु इस वनांचल से हजारों लोग जीवन की उन्नति व परिवार के बेहतर पालन पोषण हेतु महानगरों की ओर खाने कमाने हेतु कूच करते है।क्योंकि यंहा कमाई करने के कृषि के अतिरिक्त साधन नही है।इसी कड़ी में बंगलोर व हैदराबाद से कमाकर वापिस लौटे आमगांव, गोपालटोला,देवपुरा,व गोंगले के कुछ पुरुष,महिला मजदूरों ने अपनी वापिसी की जानकारी नर्मदा पहुंच कर व वहां से निकलने के पूर्व दी थी व कहा कि हमें अपनी अपनी पंचायतों में व्यवस्था बनवा दो यंहा पहुचने पर रात होने व पानी गिरने के चलते उन्हें शासन प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था बतौर कन्या छात्रावास में रुकवाया गया व यह कहा गया कि सुबह होते ही सम्बन्धित पंचायतों में भेज दिया जाएगा लेकिन आज 14,15 दिनों से ये लोग यही है आगे किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नही की गई।
इनका कहना है कि हम लोग थोड़ी चाहते है कि हमे कोरोना हो हमें भी अपने जान व परिवार की खूब चिंता है।आज इन्ही में से 5 कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर इनकी मुश्किलें और बढ़ गई है ये लोग बता रहे थे कि स्वास्थ्य विभाग के आये हुवे कर्मचारी जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आयी थी उनकी पुनः जांच होगी व पुनः क्वारनटाइन में रहना होगा।।
इन लोगो ने किसी माध्यम से पत्रकार व मीडिया की जानकारी एकत्र कर दिल्ली क्राइम प्रेस के पत्रकार ओमकेश रिंकू पांडेय तक खबर भिजवाई व पांडेयजी ने वहां पहुंचकर हरिभूमि संवाददाता दिलीप शुक्ला को फोन पर उस स्थल पर बुलवाया।उनके बीच के आज पाए गए कोरोना पॉजिटिव 05 मरीजो को कोविड 19 छुईखदान एम्बुलेंस इलाज हेतु लेकर गयी है।
कुल 11 लोग क्वारनटीन रखे गए थे जिनमें 6 शेष है।टोटल 11 क्वारन्टीन लोगो मे आमगांव ग्राम पंचायत,देवपुरा पँचायत व कोसमर्रा पँचायत के मजदूर है।।
इन्होंने अपना दुखद वृतांत बताते हुए वीडियो के माध्यम से शासन प्रशासन व ग्राम पंचायत से गुहार लगाई है कि कृपया हमारा ख्याल रखें व हमे घर के नजदीक हमारी पँचायत में क्वारनटाइन में रखे जिससे हम शुद्ध पानी पी सकें व दोनों समय खाना खा सके इनमें कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हें कल रात के बाद से भोजन तक नसीब नही हुवा है। व घर इस सेंटर से किसी का 10 किलोमीटर व किसी का 6 किलोमीटर किसी का 3 किलोमीटर दूर है घर मे साधन व पुरुष सदस्यों के न होने से ये लोग भूखे ही समय व्यतीत करने मजबूर है यंहा तक इनका कहना है कि यंहा शुद्ध पीने का पानी तक उपलब्ध नही है सारी सुविधाओ का टोटा है इतना बुरा व्यवहार तो गम्भीर अपराध के कैदी के साथ भी नही होता है जेल में उन्हें भी समय समय पर भोजन व सारी सुविधाएं उपलब्ध रहती है तो हम बाहर कमाने गए तो इसमें हमारा क्या दोष व हम नही जानते थे कि कोरोना आएगा व हमे ऐसे दुखदायी दिन देखने मिलेंगे।।
इनकी बाते व स्थिति देख सुनकर इंसानियत कहा विलुप्त है क्या और लोग भी नही होंगे जो जानते होंगे कि हमारे गांव का फलाना व्यक्ति को कहा रंख गया है।।खाने पीने को मोहताज है ये लोग इनकी प्रशासन से अपील है कि इनका ख्याल रखा जाए नही तो इन्हें यंहा से इनके घर जाने दिया जावे हम लोग अपना ख्याल रख ही लेंगे घर मे सुकून का दो वक्त का खाना तो जुगाड़ कर ही लेंगे ये बेड़ियों की जकड़न से हमे मुक्त करें कोरोना से हम कम मरेंगे ये भूख प्यास हमें कोरोना होने के पहले मार डालेगी।।
सी एन आई न्यूज के लिये साल्हेवारा से दिलीप शुक्ला की रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.