अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
देहरादून -- भारतीय गौ रक्षा क्रांति मंच के संस्थापक गौ क्रांति अग्रदूत गोपालमणि महाराज ने संपूर्ण भारत के जनमानस को 07 नवंबंर 2021 को नई दिल्ली में गौ आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये महाराजश्री ने अरविन्द तिवारी को बताया कि इस दिन इस भारतवर्ष में अब तक गौमाता राष्ट्रमाता के चल रहे आंदोलन के आर-पार की लड़ाई होगी। आज लोगों ने गौ को भुला दिया है , यह इस देश के साथ सरासर अन्याय है। इसलिये हम पूरे देश की जनता का आह्वान करते हैं कि आईये हम इस आंदोलन को जन-जन तक , घर-घर तक पहुँचायें और हर व्यक्ति को इससे जोड़ें। हमने सरकार के सामने पाँच मांगे रखी हैं। सबसे पहली और मुख्य मांँग है कि गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिले , दूसरी इस देश के अंदर गौ मंत्रालय अलग से स्थापित हो। तीसरी - हर गांव में पाँच पाँच युवक-युवतियों की गौसेवक और गौसेविक के रूप में नियुक्ति हो जिन्हें सरकारी वेतनमान दिया जाये।चौथी - प्रत्येक गांव में गो उत्पाद निर्माण के लिये यंत्र स्थापित किये जायें , किसानों को गाय के गोबर का मूल्य मिलना चाहिये और खेतों में गाय के गोबर की खाद पड़नी चाहिये। इस देश के चूल्हे गाय के गोबर गैस से जलने चाहिये और वाहन गाय के गोबर से गैस से चलने चाहिये। पाँचवीं - इस देश के अंदर पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बालक बालिकाओं को गौमाता का नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराया जाना चाहिये। महाराजश्री ने आगे कहा कि गाय हमारी आस्था का प्रतीक है। इस देश में जितने भी दल बनें और सरकारें हुई सबने गाय को भुला दिया है। जो लोग गौ माता के समर्थन में खड़े नहीं होंगे वे निश्चित रूप से अपने भारत देश और सनातन धर्म के साथ अन्याय ही करेंगे। इसलिये आप सभी इस आंदोलन में सहभागी बने और गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलायें। उनका कहना है कि देशी गोवंश संवर्धन को सरकार का संरक्षण मिलना चाहिये। गौरतलब है कि गोपालमणि जी महाराज के द्वारा 23 फरवरी 2014 , 28 फरवरी 2016 और 18 फरवरी 2018 को देश के सभी राज्यों के राजधानियों में गोवर्धन रैली के पश्चात दिल्ली के रामलीला मैदान में गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने के लिये विशाल जनआंदोलन किया गया था।


















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