मोहन द्विवेदी की रिपोर्ट
चाँपा - हसदेव गंगा महाआरती का यह भव्य आयोजन हमारे आसपास देखने को नहीं मिलता। यह कार्य हरिद्वार , काशी , प्रयाग , ऋषिकेश जैसे जगहों में आयोजित किया जाता है। हमारे छत्तीसगढ़ के लिये चांँपा का हसदेव गंगा महाआरती काफी प्रशंसनीय है। माँ हसदेव नदी का महाआरती इनकी कृतज्ञता प्रकट करने के लिये महत्वपूर्ण है।
उक्त उद्गार राजेश्री महंत रामसुंदर दास छत्तीसगढ़ गो सेवा आयोग अध्यक्ष ने चाँपा सेवा संस्थान द्वारा मकर संक्रांति पर ऐतिहासिक डोंगाघाट में आयोजित माँ हसदेव गंगा महाआरती कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। मकर संक्रांति महोत्सव के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी माँ समलेश्वरी की पावन धरा में चांपा सेवा संस्थान के द्वारा हसदेव नदी के तट पर डोंगाघाट मंदिर परिसर में हरिद्वार एवं वाराणसी के तर्ज पर भव्य हसदेव गंगा महाआरती का कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुये आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंँचें थे। महाआरती कार्यक्रम ब्राह्मण समाज सेवी परिजनों पंडित पद्मेश शर्मा , अरुण उपाध्याय , शिव शर्मा , शशांक तिवारी , पवन तिवारी एवं उनके सहयोग करने के लिये पुरुषोत्तम शर्मा , चंद्रशेखर पांडेय , लिलेश्वर तिवारी , सिद्धनाथ सोनी , गणेश श्रीवास द्वारा स्वस्तिवाचन , वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच पूजा अर्चना और हसदेव गंगा की महाआरती आमंत्रित मुख्य अतिथि राजेश्री महंत रामसुंदर दास अध्यक्ष गो सेवा आयोग छत्तीसगढ़ , विधायक नारायण चंदेल एवं डोंगाघाट चांँपा के महंत नरोत्तमदास , चाँपा नगरवासियों , आसपास से पहुँचे श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में चाँपा सेवा संस्थान , भगवान परशुराम ब्राह्मण युवा संगठन , आदित्यवाहिनी- आनंदवाहिनी एवं नगरवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


















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