अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- पिछले दो महीनों से जारी किसान आंदोलन के बीच नये दशक में शुक्रवार से मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ हुई। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने तीनों किसान कानून , किसान आंदोलन और 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा का जिक्र किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बर्दाश्त नहीं है। तीन कृषि कानूनों पर राष्ट्रपति ने कहा सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नये कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधायें थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है। बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ-साथ नये अधिकार भी दिये हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक विमर्श के बाद संसद ने सात महीने पूर्व तीन महत्वपूर्ण कृषि सुधार, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार विधेयक और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पारित किये हैं। बीते दिनों लाल किले पर हुई हिंसा को लेकर भी राष्ट्रपति का रुख सख्त दिखा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिये। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान में इन कानूनों का अमलीकरण देश की सर्वोच्च अदालत ने स्थगित किया हुआ है। मेरी सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करते हुये उसका पालन करेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि इन कृषि सुधारों का सबसे बड़ा लाभ भी 10 करोड़ से अधिक छोटे किसानों को तुरंत मिलना शुरू हुआ। छोटे किसानों को होने वाले इन लाभों को समझते हुए ही अनेक राजनीतिक दलों ने समय-समय पर इन सुधारों को अपना भरपूर समर्थन दिया था। उन्होंने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत में महिला उद्यमियों की विशेष भूमिका है। मेरी सरकार ने महिलाओं को स्वरोज़गार के नये अवसर देने के लिये कई कदम उठाये हैं। मुद्रा योजना के तहत अब तक 25 करोड़ से ज्यादा ऋण दिये जा चुके हैं, जिसमें से लगभग 70 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को मिले हैं। दिव्यांगजनों की मुश्किलों को कम करने के लिये देशभर में हजारों इमारतों को, सार्वजनिक बसों और रेलवे को सुगम्य बनाया गया है. ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी बेहतर सुविधायें और समान अवसर देने के लिये Transgender Persons (Protection of Rights) Act लागू किया गया है। संसद की नई इमारत को लेकर पहले की सरकारों ने भी प्रयास किये थे। यह सुखद संयोग है कि आजादी के 75वें वर्ष की तरफ बढ़ते हुये हमारे देश ने, संसद की नई इमारत का निर्माण शुरू कर दिया है। नये संसद भवन के बनने से अपने संसदीय दायित्वों को निभाने में हर सदस्य को अधिक सुविधा मिलेगी। महामहिम राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण के दौरान जब जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद पहली बार हुये जिला परिषद के चुनावों की सफलता का जिक्र किया जो सदन में लंबे समय तक मेजें थपथपाने की आवाज सुनाई दी। पुन: जब उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने अनेक ऐसे काम कर दिखाये हैं जिनको कभी बहुत कठिन माना जाता था। अनुच्छेद-370 के प्रावधानों के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को नये अधिकार मिले हैं। उच्चतम न्यायालय के फैसले के उपरांत भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। तब उपस्थित सांसदों ने काफी देर तक मेजे थपथपाकर अभिवादन किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के बड़े भाई ज्योतिरीन्द्रनाथ टैगोर के ओजस्वी गीत के साथ अपने अभिभाषण का समापन किया। उन्होंने गीत की पंक्तियां, ‘चॉल रे चॉल शॉबे, भारोत शन्तान, मातृभूमी कॉरे आह्वान, बीर-ओ दॉरपे, पौरुष गॉरबे, शाध रे शाध शॉबे, देशेर कल्यान’ पढ़ीं। इसके बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उनके अभिभाषण के कुछ अंशों का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ना शुरू किया। अभिभाषण समाप्ति के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला दिवंगत सदस्यों को याद किया। बजट सत्र के पहले दिन भारी हंगामे के बीच वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रपट लोकसभा के पटल पर रखी। इसी के साथ सदन के पटल पर अन्य प्रतिवेदन भी रखे गये। इसके साथ ही कार्यवाही एक फरवरी तक के लिये स्थगित कर दी गयी। एक फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 2021-22 का आम बजट लोकसभा में पेश करेंगी। यह बजट ऐतिहासिक होगा, क्योंकि इस बार का बजट पेपरलेस होगा। राष्ट्रगान के उद्घोष के साथ राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई , उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू दिवंगत सदस्यों श्रद्धांजलि अर्पित किये। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और कांग्रेसी नेता अहमद पटेल को याद किया गया। कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दलों ने आज राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया. कृषि कानूनों की वापसी को लेकर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस पार्टी के अन्य सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की स्टैचू पर धरना प्रदर्शन किया।


















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