मध्यप्रदेश
समाजसेवक शिवशंकर पाण्डेय की सराहनीय पहल
गर्म कपड़े पाकर खिले,बैगा बच्चों के चेहरे
कद ऊंचा तो कर लिया,ऊंचे रखो विचार।
दान धर्म जो न किया तो जीवन है बेकार
बिरसा----हर साल की तरह इस साल भी समाजसेवक शिवशंकर पाण्डेय के द्वारा बैगा बच्चों को गर्म कपड़ा देकर उनके चेहरे पर खुशी ला दिए।बैगा बच्चे गर्म कपड़ा पाकर इतना खुश हुए जिसका बयां कर पाना शायद इन कागज के पन्नो पर कम पड़ जाए।समाजसेवी शिवशंकर पाण्डेय ने बताया कि हर नए साल पर विगत कई वर्षों से किसी एक बैगा ग्राम में जाकर अपने शक्ति अनुसार बैगा समाज के लोगो को गर्म कपड़े का वितरण करता हूँ।जिसकी जरूरत शायद जनवरी के महीने में बैगा समाज के बच्चों को ज्यादा होती है।उस समय शासन प्रशासन के ऊपर गुस्सा भी आता है जब कोई बच्चा कहता है कि मुझे कपड़ा नही मिला।हर साल 5-7 कपड़ा बढ़ाकर ले जाता हूँ उसके बाद भी 2-4 बच्चों को कपड़ा नही मिल पाता है जिसका मुझे दुःख भी होता है।लाखों करोड़ों के वजट के बावजूद भी बैगाओ की ऐसी हालत?जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन के साथ साथ खुद बैगा समाज भी है।ऎसा नहीं है कि बैगाओ के पास रुपया नही होता है।पर सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के चलते इनके द्वारा हाड़तोड़ मेहनत कर कमाया गया धन बर्बाद हो जाता है।शासन को इनकी कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करने की पहल करना चाहिए जिससे इनका समाज अपने आप आगे बढ़ जाएगा।शिवशंकर पाण्डेय ने बताया कि मेरा यह बहुत छोटा प्रयास है जो ऊँट के मुंह मे जीरा के समान है पर अगर मेरे इस प्रयास से 20-30 बच्चों के चेहरे पर खुशी आती है तो मैं अपने आप को गौरवशाली मानता हूँ।इस नेक कार्य मे नमो नमो के बिरसा जनपद अध्यक्ष दिलीप सोनी जी का विशेष सहयोग रहा।समाजसेवी शिवशंकर पाण्डेय ने बताया कि किसी की मदद करना बहुत अच्छा लगता है भले ही वह मदद आर्थिक शारिरिक या किसी और तरह की हो पर अच्छा लगता है।मेरी आप सभी लोगो से अपील है कि अगर आप भी इनकी मदद करना चाहते है तो मेरे मोबाइल नंबर8120086063 पर संपर्क कर सकते हैं।आपके द्वारा दिया गया नया या पुराना कपड़ा,जूता चप्पल या खाद्यान्न किसी के चेहरे पर खुशी ला सकता है।
मार्मिक घटना---मेरे द्वारा बच्चों को कपड़ा दिया जा रहा था कि पीछे से एक आदमी की आवाज आती है कि मेरे लिए भी कपड़ा लाये हो?45-50 वर्षीय भादू लाल बैगा की बातें सुनकर मेरे आंखों में आंसू आ गया।भादू लाल ने बताया कि 4-5 साल पहले मेरा एक्सीडेंट हो जाने के कारण मेरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया जिससे मुझे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।मेरी पत्नी पहले से ही गूंगी व बहरी है।मुझे शासन के द्वारा कोई मदद भी नही मिल रही है।पीएम आवास भी आधा अधूरा है।मैंने तुरंत ही खुद का पहना गर्म कपड़ा उतारा और भादू लाल बैगा को पहना दिया और उसकी पत्नी को एक साल दिया जिसको पाकर पति पत्नी के आंखों में खुशी के आंसू आ गए।आप भी इस प्रयास में जुड़कर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं।
सी एन आई न्यूज के लिये ब्यूरो रिपोर्ट ।


















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