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Thursday, January 28, 2021

राफेल विमानों का तीसरा जत्था पहुंचा भारत

 



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


नई दिल्ली -- भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में जारी गतिरोध के बीच भारतीय वायु सेना की फायर पावर को बढ़ाने के लिये तीन और राफेल लड़ाकू विमान बोर्डोक्स (फ्रांस) से उड़ान भरने के बाद बिना कहीं रूके सात हजार किलोमीटर से भी लम्बी उड़ान के बाद भारत पहुंच चुके हैं। ये तीनों युद्धक विमान सीधे भारतीय वायुसेना के हवाई अड्डे पर लैंड पर हुये। इन अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल मिलने से भारतीय वायुसेना की ताकत और भी अधिक बढ़ेगी। यह हवा से हवा में और हवा से जमीन पर वार कर सकता है। यानी ये लड़ाकू विमान एक साथ जमीन से आसमान तक दुश्मनों के छक्के छुड़ा सकता है।तीनों राफेल विमानों में हवा में ही ईंधन भरने की प्रक्रिया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) ने अंजाम दिया। इन राफेल विमानों ने फ्रांस से भारत तक का सफर पूरा करने के दौरान लगभग 1000 किमी प्रतिघंटे की गति से उड़ान भरी। हालांकि, राफेल की अधितकम स्पीड 2222 किमी प्रति घंटा है। दूतावास ने ट्वीट किया कि इन विमानों के पायलटों की उड़ान सरल और सुरक्षित रहेगी। वायुसेना ने बताया कि सबसे पहले जत्थे में पांच , दूसरे जत्थे में तीन और अब तीसरे जत्थे में फिर तीन नये राफेल विमानों के यहां आने से अब इन विमानों की संख्या बढ़ कर 11 हो गयी है। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के पायलटों को फ्रांस के सेंट-डिजियर एयर बेस पर बैचों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। गौरतलब है कि भारत ने फ्रांस के साथ 59000 करोड़ रूपये की लागत से 36 राफेल विमानों की खरीद के लिये एक अंतर सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। इन 36 राफेल विमानों में से 30 लड़ाकू विमान होंगे और छह प्रशिक्षण विमान। प्रशिक्षण विमानों में दो सीट होंगी और उनमें लड़ाकू विमान वाली लगभग सभी विशेषतायें होंगी। राफेल विमान , रूस से सुखोई विमानों की खरीद के बाद 23 वर्षों में लड़ाकू विमानों की भारत की पहली बड़ी खरीदी है। बता दें कि राफेल को भारत की जरूरतों के हिसाब से मॉडिफाई किया गया है। राफेल की रेंज 3,700 किलोमीटर है , यह अपने साथ चार मिसाइल ले जा सकता है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और ऊंचाई 5.30 मीटर है। राफेल का विंगस्‍पैन सिर्फ 10.90 मीटर है जो इसे पहाड़ी इलाकों में उड़ने के लिये आदर्श एयरक्राफ्ट बनाता है। विमान छोटा होने से उसकी मैनुवरिंग में आसानी होती है।


 घातक हथियारों से लैस हैं राफेल

 

भारत में जो राफेल आये हैं, उनके साथ Meteor बियांड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल, MICA मल्‍टी मिशन एयर-टू-एयर मिसाइल और SCALP डीप-स्‍ट्राइक क्रूज मिसाइल्‍स लगी हैं। इससे भारतीय वायुसेना के जांबाजों को हवा और जमीन पर टारगेट्स को उड़ाने की जबर्दस्‍त क्षमता हासिल हो चुकी है। Meteor मिसाइलें नो-एस्‍केप जोन के साथ आती हैं यानि इनसे बचा नहीं जा सकता। यह फिलहाल मौजूद मीडियम रेंज की एयर-टू-एयर मिसाइलों से तीन गुना ज्‍यादा ताकतवर हैं। इस मिसाइल सिस्‍टम के साथ एक खास रॉकेट मोटर लगा है जो इसे 120 किलोमीटर की रेंज देता है।

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