सुरेन्द्र मिश्रा बिलासपुर रिपोर्टर
कोटा।बेलगहना किसानों को अपने पैसे के लिए बैंक का चक्कर काटना पड़ रहा है वहीं बिचौलियों को अंदर बुलाकर तुरंत भुगतान किया जा रहा है।वही छत्तीसगढ़ का माटीपुत्र किसान लाइन पर खड़े होने को मजबूर है अपनी बारी का इंतजार करते रहता है।किसानों के साथ बैंक प्रबंधन का सदा बुरा बर्ताव रहा है। भुगतान पर्ची मांगने पर व खाता जांच करने के लिए भी आनाकानी की जाती है। किसान अपनी समस्या शाखा प्रबंधक के पास रखना चाहते हैं तो प्रबंधक ही नदारद रहते हैं।इसकी जगह कोटा जिला सहकारी बैंक के अधिकारी कर्मचारी जवाब नहीं देते हैं।कल बुधवार का दिन बैंक प्रबंधन के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और मेन गेट को ही बंद कर दिया और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के खिलाफ नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया और किसानों ने मामले की जानकारी सुभाष परते को दिया सुभाष परते ने बैंक अधिकारियों एवं संगठन के पदाधिकारियों से बात किया फिर जाके बैंक प्रबंधन ने किसानों से बात किया,किसानों के साथ मे आदिवासी सेना,सर्व आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जनपद कोटा प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। बैंक प्रबंधन से मुख्य रूप से आदिवासी सेना ,सर्व आदिवासी समाज,छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की तरफ से गिरीश राज, संतोष यादव, जनपद पंचायत कोटा के सभापति विद्यासागर ओरकेरा ने किसानों की समस्या पर बात की तब जाकर मामला शांत हुआ और गुस्साए प्रदर्शनकारी किसानों का लिस्ट बनाकर गुरुवार को सभी का भुगतान कर दिए जाने पर बात बनी।बैंक में दूर दूर से किसान आए हुए थे केंदा *बेलगहना* तेंदुआ झिंगटपुर आदि के किसान उपस्थित थे।



















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