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Tuesday, March 9, 2021

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बैगा महिलाओं का सम्मान समाजसेवी शिवशंकर पाण्डेय की अनूठी पहल

 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बैगा महिलाओं का सम्मान

समाजसेवी शिवशंकर पाण्डेय की अनूठी पहल


सालेटेकरी।हर धर्म मे महिला शक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है।कहा गया है--'यस्य पूज्यन्ते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवताः।अर्थात जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते है।नारी को वैदिक युग मे देवी का स्थान दिया गया था।नारी की स्थित से समाज और देश के सांस्कृतिक और 

बौद्धिक स्तर का पता चलता है।नारी को धर्म,समाज और पुरूष के नियमों में बांधकर रखा गया तो उसकी स्थिति बदतर ही मानी जायेगी।

बिरसा जनपद की अधिकतर ग्राम पंचायतें आदिवासी बहुल है जिसमे बहुत सारी पंचायते बैगा बहुल है।इन क्षेत्रों में रह रहे बैगा लोगों को महिला दिवस के बारे में कोई जानकारी नही है।जिनको बताने के लिये बैगाओं के बीच पहंचे समाजसेवी एवं श्रमजीवी पत्रकार परिषद बिरसा इकाई के महासचिव शिवशंकर पाण्डेय ने पूरे ग्राम के महिलाओं को श्री फल एवम अन्य सामग्री के साथ 101 रुपये की नगद राशि देकर सम्मानित किया जिससे गांव की महिलाएं बहुत खुश हुई।मछुरदा ग्राम पंचायत की बैगा महिलाएं अपने बीच शिवशंकर पाण्डेय को पाकर बहुत खुश थी।पर अफसोस कि इनको महिला दिवस के बारे में कुछ भी जानकारी नही थी।इससे बड़ी विडंबना देश के लिये और क्या होगी?जिस देश मे 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हो और इन महिलाओं को कुछ पता न हो तो यह देश के लिये विडम्बना नही तो और क्या है?बहरहाल मैंने ग्राम के करीब 12 से 15 उन विधवा महिला को चिन्हित किया जिनके पति की मौत बहुत पहले हो चुकी थी जो बहुत ही कम उम्र में विधवा का चोला पहनकर अपना व अपने बच्चों का भरण पोषण किया।गांव की सोबत बाई,सुखबती, उजरी बाई आदि महिलाओं ने बताया कि उनके पति का देहांत 15 से 20 साल पहले जो चुका था।उस समय गरीबी व भुखमरी बहुत ज्यादा थी।छोटे छोटे बच्चों का भरणपोषण करने में बहुत परेशानी होती थी।उस समय को याद कर इन महिलाओं के आंखों में अश्नु आ गया।बैगा महिलाओं ने बताया कि न तन ढकने के लिए कपड़ा था और न मन को तृप्त करने के लिये अन्न।जैसे तैसे अपने छोटे छोटे बच्चों को पाल पोसकर बड़ा किया।आज भी ये बैगा महिलाएं अपने परिवार की मुखिया बनकर परिवार को बहुत ही अच्छे ढंग से चला रही है।ऐसी महिलाओं का सम्मान कर मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस करता हूँ।मैं इन महिलाओं को नमन करता हूं जिन्होंने अपने बच्चों को पालने में पूरा जीवन लगा दिया।जिनका सम्मान कर मुझे बहुत खुशी भी हुई।इस पुनीत कार्य मे नमो नमो विचार मंच के दिलीप सोनी का विशेष सहयोग रहा।


सी एन आई न्यूज के लिये ब्यूरो रिपोर्ट ।

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