अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल सात मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 'जनऔषधि दिवस' को संबोधित करेंगे। वे शिलांग स्थित नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रिजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस में बने 7500वें 'जनऔषधि केंद्र' को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे। यह बात उन लोगों से होगी जो जन औषधि दवाओं का सेवन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से यह जानकारी दी गई है। पीएम मोदी 'प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना' के लाभार्थियों के साथ बातचीत भी करेंगे और हितधारकों को उनके श्रेष्ठ कार्यो के लिये सम्मान भी देंगे। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का मकसद लोगों को कम कीमत पर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों में 40-90 फीसदी तक दवाइयां सस्ती मिलती हैं। इस वित्त वर्ष में (चार मार्च, 2021) तक इस केंद्र से दवाइयां खरीदने पर लोगों को कुल 3,600 करोड़ रुपये की बचत हुई है। बता दें कि जनऔषधि केंद्रों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी देने के लिये एक से सात मार्च के हफ्ते को जनऔषधि सप्ताह के रूप में मनाया जाति है। वहीं सप्ताह के आखिरी दिन को यानि आज जन औषधि दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इसके लिये 'जन औषधि..सेवा भी, रोजगार भी' का नारा दिया गया है। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। पीएमओ ने बताया कि इस परियोजना के तहत ऐसे केंद्रों की संख्या 7499 पहुंच गई है। यह केंद्र देश के सभी जिलों में हैं।


















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