छत्तीसगढ़...
जिला - बालोद, ग्राम-चिपरा दिनांक- 24 मार्च 2021 *अंधविश्वास हमें पथ भ्रष्ट करता है : साध्वी रोहणी देवी*
दल्ली राजहरा। ग्राम चिपरा में श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस को सेमरा सिहावा नगरी से आए साध्वी रोहणी देवी ने ध्रुव चरित्र भरत चरित्र अजामिल उद्धार प्रहलाद चरित्र वा कृष्ण जन्म की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि कई जन्मो के भाग्य का कमल उदय होता है तब कहीं जाकर भागवत कथा श्रवण का लाभ मिलता है। ध्रुव चरित्र पुरजन उपाख्यान व जड़ भरत चरित्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महाराज जड़भरत के जीवन में सब कुछ था। लेकिन एक दिन सब कुछ छोड़ कर जंगल में जाकर भगवान का भजन करने लग गए लेकिन वह जंगल में भी जाकर एक मृग मोह में फस गया। अगले जन्म में उन्हें मृग शरीर धारण करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मृग मोह में इसलिए फस गए क्योंकि उनके जीवन में कोई गुरु नहीं था और बिना गुरु के गोविंद कि प्राप्ति संभव नहीं है। गुरु स्वरूप एक सरोवर की तरह होना चाहिए। शिष्य कमल की तरह हो। कमल यदि सरोवर से हटा दो तो रोज का सूर्योदय भी उसे खिला नहीं सकता।उन्होंने कहा कि गुरुदेव भगवान पर विश्वास होना चाहिए क्योंकि जितनी शक्ति विश्वास में होती है उतना ही अंधविश्वास में भी छत्तीसगढ़*अंधविश्वास भागवत कथा में पंडित खीलेंद्र शर्मा परायांकर्ता परीक्षित अजित - लालेश री साहू हलालखोर भुआर्य - देवारिना बाई भोलाशंकर साहू - पिंकी साहू दयाशंकर साहू - दामिनी साहू एवं समस्त ग्राम वासी उपस्थित थे /
सी .एन .आई .न्यूज़ के लिए दल्लीराजहरा से प्रदीप सहारे की रिपोर्ट




















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