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Friday, March 12, 2021

मिताली राज नई ऊंचाइयों की ओर , अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में दस हजार रन किये पूरे



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


लखनऊ - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एकदिवसीय कप्तान स्टार बल्लेबाज मिताली राज (38 वर्षीया) ने इतिहास रच दिया। वे अब दस हजार अंतर्राष्ट्रीय रन बनाने वाली दुनियां की दूसरी और भारत की एकमात्र महिला क्रिकेटर बन चुकी हैं। लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी एकाना इंटरनेशनल स्टेडियम में आज दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी तीसरे वन-डे के दौरान उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया था।दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच मैच की वन-डे सीरीज की शुरुआत से पहले मिताली को दस हजार रन पूरे करने के लिये 85 रन की जरूरत थी। पहले वनडे में उन्होंने 50 रन बनाये थे। दूसरे मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला। तीसरे वन-डे में आज 50 गेंद में 36 रन बनाकर वह आउट हुईं। यानि दस हजार एक रन बनते ही उनकी पारी का भी अंत हो गया। इंग्लैंड की चार्लेट एडवर्ड्स अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाली पहली महिला खिलाड़ी थीं। मिलाती को उनसे आगे निकलने के लिये अब 299 रन की जरूरत है। ऐसा करके वह महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जायेंगी।

गौरतलब है कि मिताली राज का जन्म 03 दिसंबर 1982 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। उनके पिता भारतीय वायुसेना में थे जिसके चलते उनकी स्कूली शिक्षा देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई। तमिल परिवार में जन्म लेने वाली मिताली ने केवल दस साल की छोटी सी उम्र में खेलना शुरू किया था। वह मात्र 17 साल की उम्र में भारतीय क्रिकेट टीम की हिस्सा बनीं थीं। उन्होंने 26 जून 1999 को आयरलैंड के खिलाफ अपने वनडे कॅरियर की शुरूआत की। वनडे में उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 114 रन है।उन्होंने अब तक 10 टेस्ट मैचों में 51.00 की औसत से 663 रन, वनडे में 212 मैचों में 50.53 की औसत से 6,974 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 89 मैचों में 37.52 की औसत से 2,364 रन बनाये हैं। मिताली ने अपने करियर में रिकॉर्ड 75 अर्धशतक और 8 शतक जमाए हैं। इनमें से 54 अर्धशतक और सात शतक उन्होंने वन-डे में आए। टेस्ट मैचों में उन्होंने एकमात्र शतक (214 रन) इंग्लैंड के खिलाफ 2002 में टॉटन में बनाया था। उन्होंने इंग्लैण्ड के खिलाफ 214 रन की पारी खेली जो महिला क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट पारी है। वे क्रिकेट की सफलतम खिलाड़ियों में से एक है , उन्होंने अपने आलराउंड प्रदर्शन के दम पर क्रिकेट केरियर में खास पहचान बनायी है। 


डांसर बनने की थी चाहत 


मिताली राज ने भरतनाट्यम की ट्रेनिंग ली थी। वे बचपन से ही डांसर बनना चाहती थी, लेकिन उनके भाग्य में क्रिकेटर बनना लिखा था। बचपन में जब उनके भाई को क्रिकेट की कोचिंग दी जाती थी तो वह भी हाथ आजमा लेती थी। तब क्रिकेटर ज्योति प्रसाद ने उसे नोटिस किया और कहा कि वह क्रिकेट की अच्छी खिलाड़ी बन सकती हैं।


पहले ही मैच में जड़ी शतक


मिताली ने पहले ही मैच में शतक लगाया था। उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ वर्ष 1999 में अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू मैच खेला था। डेब्यू मैच में ही उन्होंने जता दिया था कि वे क्रिकेट में लंबी पारी खेलनी आयी है। पहले ही मैच में उन्होंने 114 रनों की पारी खेली थी। मिताली से पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 209 रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के केरन रोल्टन के नाम था।


सचिन के रिकॉर्ड तोड़ने के करीब


वर्ष 1999 में वनडे क्रिकेट का सफर शुरु करने वाली मिताली ने कभी फिटनेस को समस्या बनने ही नहीं दिया। यही कारण है कि वह अब भी वनडे टीम का हिस्सा है। मिताली का वनडे करियर 21 साल 254 दिन तक का रहा है। उनसे आगे सिर्फ भारत के सचिन तेंदुलकर ही हैं जिनका वनडे करियर 22 साल, 91 दिन का रहा है। मिताली राज अगर 103 दिन और वनडे क्रिकेट का हिस्सा बनी रही तो सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ देंगी।


अर्जुन अवार्ड और पद्मश्री से है  सम्मानित


मिताली राज की कप्तानी में ही भारतीय टीम 2005 में महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी, जहां उन्हें ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी। क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान के चलते मिताली को वर्ष 2003 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद इसी साल जनवरी 2015 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से भी नवाजा गया।

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