सुरेंद्र मिश्रा बेलगहना रिपोर्टर
मोबाइल से लेनदेन करने वालों को सतर्क करने वाली खबर है ,साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहारिया और फ्रेंच साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट इलियट एंडरसन का दावा है कि 10 करोड़ भारतीयों का पर्सनल डेटा। एक हैकर फोरम ने बेचने के लिए डार्क वेब पर डाला है। उन्होंने कहा कि पहले भी पेमेंट एप को लेकर सावधान किया गया था। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया,हैकर ग्रुप लीक किए गए डाटा को 26 मार्च से ऑनलाइन बेच रहे हैं। हैकर ग्रुप की एक पोस्ट के मुताबिक, डाटा 1.5 बिटकॉइन (करीब 63 लाख रुपए) में बेचा जा रहा है। डार्क वेब पर शेयर किए गए इस डेटा का साइज करीब 50 जीबी है। बताया जा रहा है कि यह पेमेंट प्लेटफार्म। मोबिक्विक से लीक हुआ है, देश में मोबिक्विक के 12 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं।
मोबिक्विक की सफाई डाटा हमसे लीक नहीं हुआ।
मोबिक्विक ने अपने ब्लॉग में पक्ष रखते हुए लिखा,कुछ यूजर्स ने बताया है कि उनका डाटा डार्क वेब पर है,यूजर्स कई प्लेटफार्म पर अपना,डाटा शेयर करते हैं,ऐसे में यह कहना गलत है कि उनका डाटा हमसे लीक हुआ है।ऐप से लेनदेन पूरी तरह सुरक्षित और ओटीपी बेस्ड है।



















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