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Tuesday, April 20, 2021

अपनी जान जोखिम में डालकर समाचार संकलन करने वाले पत्रकारों की चिंता किसी को नही

 अपनी जान जोखिम में डालकर समाचार संकलन करने वाले पत्रकारों की चिंता किसी को नही




शिवशंकर पाण्डेय


सालेटेकरी| पूरे विश्व मे पिछले एक वर्ष में कोरोना जैसे महामारी ने एक भयावह रूप ले चुका है, परंतु पत्रकार कोरोना जैसे महामारी के बीच अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना कार्य पूरी ईमानदारी पूर्वक कर रहे है| आपको बता दे कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से सभी आम जन मानस तक मीडिया अपनी भूमिका निभाते हुए समाचार का प्रकाशन कर रहे है बावजूद इसके कोरोना जैसे महामारी के बीच अपनी पूरी जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने वाले पत्रकार की कोई भी चिंता न ही केंद्र में बैठे बड़े राजनीतिक दलों को है और न ही राज्य के सत्ता रूढ़ पार्टी के राजनीतिक दलों को|


कोरोना महामारी के बीच बखूबी कार्य करने वाले पत्रकार की आखिरकार किसी को नही है चिंता? बावजूद इसके लगातार कोरोना ने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया है कोरोना सभी जगह दस्तक दे चुका है जिसके कारण पूरे विश्व में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है| हॉस्पिटलों में अव्यवस्था व ऑक्सीजन की कमी के कारण बालाघाट के कई पत्रकारों ने दम तोड़ दिया और कई आज जिंदगी मौत के बीच लड़ रहे हैं।क्या सरकार की संवेदना मर गयी है? वही राज्य व केंद्र के सभी राजनीतिक दलों के नेताओ को शासन की ओर से सभी सुविधा मुहैया कराई जाती है परंतु पत्रकारों के प्रति कोई भी जन प्रतिनिधि ने आज तक आवाज़ नही उठाई राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव के दौरान हमेशा झूठा अस्वाशन देकर कहा जाता है कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम आपकी सभी मांगे पूरी करेंगे, परंतु आज एक पत्रकार के दर्द को समझने वाला कोई नही पत्रकार को आज तक न ही फ्रंट लाइन वारियर भी नही घोषित किया गया|


आखिरकार क्या पत्रकार एक आम इंसान नही? प्रदेश में कोरोना की वैक्सीन रोजाना लगाई जा रही है पत्रकार संगठनों द्वारा भी मुख्यमंत्री से इस विषय को गंभीरता से लेने की बात कही गई थी परंतु अब तक कोई भी लिखित सूचना प्रशासनिक तौर पर नही दिया गया केवल केंद्र व राज्य के ही बड़े नेता व मंत्रियों को बड़ी से बड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं अगर एक पत्रकार की अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कोरोना महामारी के बीच उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा कोई भी आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती न ही अबतक राज्य शासन द्वारा पत्रकारों का बीमा कराया जा सका इस बीच पत्रकार के परिवार को राज्य सरकार क्या सुविधा मुहैया कराती है।अपनी जान जोखिम में डालकर समाचार संकलन करने वाले पत्रकारों की चिंता किसी को नही




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