सूरजपुर - 31 मई 2021, आज कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राहुल देव एवं जिला शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में शिक्षा विभाग के खण्ड शिक्षा अधिकारियोें, बीआरसी एवं संकुल समन्वयकों की विडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान कलेक्टर ने बताया कि राज्य में कोरोना महामारी से मृत छत्तीसगढ़ के निवासियों के बेसहारा एवं अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ छात्रवृत्ति भी प्रदाय किया जाने के उद्देश्य से शासन द्वारा “छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021“ के क्रियान्वयन हेतु अधिसूचना जारी की गई है। योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाना है।
अतः इस योजना का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना से लाभान्वित करना सुनिश्चित करने कहा।कोरोना महामारी से मृत छत्तीसगढ़ के निवासियों के बेसहारा एवं अनाथ बच्चे जो छत्तीसगढ़ के निवासी हो, जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हुई हो, जो स्कूली शिक्षा प्राप्त करने हेतु आयु संबंधी पात्रता रखता हो एवं ऐसे बच्चे जिनके घर में कमाने वाले वयस्क सदस्य न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई हो। ऐसे पात्र बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करायी जावेगी तथा शासन द्वारा संचालित “स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल“ में प्रवेश में प्राथमिकता दी जायेगी। जिनके माता या पिता या दोनों की कोरोना से मृत्यु हो गयी है उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय शासन वहन करेगा। साथ ही उन बच्चों को छात्रवृति भी प्रदान की जायेगी एवं निःशुल्क शिक्षा दिया जाएगा। पात्र छात्रों को स्कूल शिक्षा के पश्चात उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहन दिया जायेगा। प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठयक्रम में प्रवेश हेतु प्रशिक्षण एवं कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।
स्कूलों में प्रवेशित पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति भी दिया जायेगा जिसमें कक्षा 1 लीं से 8 वीं तक के पात्र विद्यार्थियों को 500 रूपये एवं कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को 1000 रूपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति के रुप दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। छात्र स्वयं या अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सीधे आवेदन कर सकेंगें, प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण हेतु जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग का एक-एक अधिकारी नामांकित होंगे तथा समिति की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दी जावेगी। अभिलेखों के रख-रखाव हेतु पंजी का संधारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जावेगा। बैठक के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा बताया गया कि उनके ब्लाॅक में सर्वे के उपरांत 4 बच्चों को योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी कोरोना के नियमों का पालन करते हुए कार्य करें, निरंतर मास्क पहने रहे, सेनेटाईजर का उपयोग करें एवं पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाकर कार्य संपादित करें। संकट की इस घड़ी में अगर हमारा कोई अधिकारी-कर्मचारी कोरोना से संक्रमित होता है तो दिन में कम से कम 2 बार उन से फोन पर बात करें; बात करने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे जल्दी स्वस्थ्य हो जायेंगे। कलेक्टर ने कोरोना से मृत कर्मचारियों के परिवारों के सदस्यों को बहुत ही कम समय मे अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए शिक्षा विभाग की तारीफ की।
कलेक्टर ने संकुल समन्यवों को निर्देश दिया कि वे शाला प्रंबधन समिति के माध्यम से लोगों में जागरुकता फैलाये एवं कोविड नियमों का पालन करने के लिए समझाये। कलेक्टन ने बताया कि सचिव संघ एवं रोजगार सहायक संघ ने अपने-अपने एक माह के वेतन से क्रमशः लगभग 4 लाख एवं 3.1 लाख की सहयोग राशि जिला जीवन दीप समिति में दान किया। इसी प्रकार अगर आप सभी भी चाहे तो इच्छानुसार सहयोग कर सकते है।
कलेक्टर ने कहा कि पिछले कुछ दिनो में हमने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में अमुलचुल परिवर्तन करने का प्रयास किया और कोविड केयर सेंटर में बेड की उपलब्धता बढ़ाई है।



















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