प्रदेश में पाॅजिटिविटी दर पिछले एक सप्ताह से लगातार घट रही है। आज 15 मई को प्रदेश में पाॅजिटिविटी दर 11 प्रतिशत है। 15 मई को प्रदेश भर में 70 हजार 239 सैंपलों की जांच में से 7664 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सीजी टीका पोर्टल में पंजीकृत व्यक्ति अब कर सकेंगे शेड्युलिंग 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग हेतु 2 लाख 97 हजार 110 टीके प्राप्त प्रदेश को 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के समूह के लिए आज वैक्सिन प्राप्त हो गई है अतः इस आयु वर्ग के व्यक्ति जिन्होने सीजी टीका पोर्टल लिंक ीजजचरूध्ध्बहजममां.बहेजंजम.हवअ.पदध्नेमत-तमहपेजतंजपवद में पंजीकरण कराया है, उनका कल से टीकाकरण प्रारंभ होगा। पूर्व में पंजीकृत व्यक्ति, सीजी टीका पोर्टल में जाकर टीकाकरण का स्थान व तारीख के संबंध में शेड्युलिंग कर सकेंगे और अपना टीकाकरण करवा सकेंगे। अब हर पंजीकृत व्यक्ति को टीकाकरण का अवसर मिल सकेगा। अभी तक इस पोर्टल में 1 लाख 58 हजार से अधिक लोगों ने पंजीयन कराया है।
प्रदेश में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग हेतु आज 3 लाख 47 हजार 300 टीके प्राप्त हुए हैं। इस आयु वर्ग में भी टीकाकरण सतत् चलता रहेगा। छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह में 81301 कोरोना मरीज स्वस्थ हुए, प्रदेश की रिकवरी दर बढ़कर 86 प्रतिशत हुई छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह (8 मई से 14 मई) में 81 हजार 301 मरीज कोरोना से स्वस्थ हुए हैं। यह इस दौरान प्रदेश में मिले नए कोरोना संक्रमितों से 11 हजार 493 अधिक है। राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रभावी उपायों से रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। अभी प्रदेश की रिकवरी दर 86 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
पाॅजिविटी दर में भी दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है। पिछले सप्ताह की शुरूआत में 8 मई को प्रदेश की पाॅजिविटी दर 20 प्रतिशत थी, जो घटते-घटते 14 मई को 12 प्रतिशत पर पहुंच गई है। कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए सैंपल जांच की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। बीते सप्ताह कुल चार लाख 41 हजार 276 सैंपलों की जांच की गई। इस दौरान रोजाना औसतन 63 हजार 034 सैंपलों की जांच की गई है। प्रदेश में पिछले सप्ताह कोरोना से ठीक हुए 81 हजार 301 मरीजों में से 76 हजार 767 ने होम आइसोलेशन में तथा चार हजार 534 ने कोविड अस्पतालों एवं कोविड केयर सेंटर्स में इलाज कराकर कोरोना को मात दी है। इस दौरान 8 मई को 11 हजार 641, 9 मई को 12 हजार 810, 10 मई को 12 हजार 567, 11 मई को 12 हजार 440, 12 मई को 9035, 13 मई को 12 हजार 274 और 14 मई को दस हजार 444 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरूआत से लेकर अब तक सात लाख 72 हजार 500 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। इनमें संक्रमण के हल्के या बिना लक्षण वाले छह लाख 34 हजार 133 लोग होम आइसोलेशन में इलाज कराकर स्वस्थ हुए हैं। वहीं एक लाख 38 हजार 367 मरीज कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में उपचार के बाद ठीक हुए हैं। कोरोना को शिकस्त देने वाले 82 प्रतिशत मरीजों ने होम आइसोलेशन में उपचार लिया है। बीते सप्ताह के दौरान 8 मई को प्रदेश की पाॅजिविटी दर 20 प्रतिशत, 9 मई को 19 प्रतिशत, 10 मई को 18 प्रतिशत, 11 मई को 15 प्रतिशत, 12 मई और 13 मई को 14-14 प्रतिशत तथा 14 मई को 12 प्रतिशत रही है। 18 से 44 आयु वर्ग का टीकाकरण आज दिनांक 15 मई 2021 तक राज्य में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,20,056 लाभार्थियों का टीकाकरण कर लिया गया है।
प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु समूह का टीकाकरण राज्य के 600 केन्द्रों में किया जा रहा है। रात्रि 9 बजे तक इस आयु वर्ग में कुल 20,794 लोगों का टीकाकरण किया गया। इनमें से अंत्योदय के 2854, बीपीएल के 12669, एपीएल के 1591, फ्रंटलाइन वर्कर के 3680 हितग्राहियों को टीका लगाया गया।
उम्मीद का दामन छूटा तो नहीं है... शनिवार की सुबह कोरोना के बीच उम्मीद जगाती ये तस्वीर आयी है, पंडित जवाहरलाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के वायरोलाॅजी लैब में कोरोना सैम्पलों की जांच के लिये लैब में जाने के पूर्व माइक्रोबायोलाॅजिस्ट एवं टेक्नीशियन के टीम की। हाथों में विजय का प्रतीक चिन्ह बनाती ये टीम मानो कह रही हो कोरोना से निर्मित वर्तमान माहौल में अपनों को खोने से दिल जरूर दुखा है लेकिन एक दिन पूरा देश कोरोना मुक्त होगा, ऐसी उम्मीद का दामन छूटा तो नहीं है। ये टीम लोगों से ये अपील भी कर रही है कि हम लगातार कोरोना सैम्पलों की जाँच के लिए लैब में कठिन परिश्रम कर रहें हैं,
आप भी कोरोना अनुकूल व्यवहारों का पालन करें, जैसे- मास्क लगाना, सामाजिक दूरी का पालन करना और वैक्सीन अवश्य लगवाना और कोरोना से लड़ने में हमारी मदद करें। माइक्रोबायोलाॅजी विभाग के अंतर्गत संचालित इस वायारोलाॅजी लैब की इंचार्ज एवं विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलाॅजी विभाग डाॅ. निकिता शेरवानी कहती हैं - इस लैब में सुबह 8 से रात 2 बजे तक काम होता है। रात 2 से 8 मशीनों को आराम देना होता है इसलिए लैब बंद रहता है। इस लैब में माइक्रोबायोलाॅजिस्ट डाॅ. रूपम गहलोत कहती हैं - इस लैब को छत्तीसगढ़ सरकार का पहला कोरोना जांच के लिये निर्मित वायरोलाॅजी लैब होने का गौरव प्राप्त है जहां पर 14 अप्रैल 2020 को केवल 7 दिन के अंदर ही इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करके आईसीएमआर से अप्रूवल प्राप्त करके टेस्ट की शुरूआत की गई।
यहां पर शुरूआत के पहले सप्ताह में प्रतिदिन केवल 60 सैम्पलों की जांच होती थी जो अब 1500 प्रतिदिन के आंकड़े पर पहुंच गई है। 40 टेक्नीशियन और चार माइक्रोबायोलाॅजिस्ट की टीम यहां कोरोना सैम्पलों की जांच में लगी हुई है। इस लैब में 14 अप्रैल 2020 से अब तक साढ़े तीन लाख से भी अधिक सैम्पलों की जांच हो चुकी है। डाॅ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी सलाह वर्चुअल टेली ओ.पी.डी. के माध्यम से मरीज ले सकते है। प्रतिदिन समय सुबह 10ः30 से 11ः30 बजे, अवकाश दिवस को छोड़कर। लिंक के माध्यम से वर्चुअल ओ.पी.डी. ज्वाइन की जा सकती है।



















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