लगभग 2 साल से वैश्विक महामारी में महाविद्यालय में महज़ 200 प्रति कालखंड में कार्य करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को लगभग 1 वर्ष तक सेवा से मुंक्त किया एवं छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता महासंघ के बैनर तले लगातार धरना स्थल बूढ़ा तालाब में 110दिनों तक धरने के बाद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 22 फरवरी को नियुक्ति आदेश मिला एवं कोरोना काल से जूझते हुए आर्थिक एवं मानसिक पीड़ा को सहन करते हुए थोड़ी से राहत मिली लेकिन उच्च शिक्षा विभाग के 31 जुलाई तक के लिए अतिथि व्याख्याताओं को रखने का आदेश प्राप्त हुआ लेकिन महाविद्यलयीन प्राचार्यो के द्वारा आदेश को अनदेखा करते हुए मनमानी तरीके से कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को निकाला जा रहा है इस कॉरोना काल एक नई व्यथा को पैदा कर रही है अतः छत्तीस़़ढ उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से समस्त छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याताओं के द्वारा विनम्र निवेदन है कि अपने आदेश के अनुसार अतिथि व्याख्याताओं के इस प्रकार की घटना को संज्ञान में लिया जाए । ऐसा ना करने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के समस्त अतिथि व्याख्याताओं के द्वारा शासन के वादा खिलाफी के विरोध में इस कोरॉना काल में भूख हड़ताल के रूप में छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता महासंघ के बैनर तले किया जाएगा जिसकी जिममेदारी शासन की होगी यह जानकारी छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता महासंघ के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार शर्मा सचिव संतोष देवांगन एवं कोषाध्यक्ष महेंद्र कुमार शिवरे ने दिए इसके अनुसार अनुसार निकले जाने की पहली घटना शासकीय महाविद्यालय मचंदुर एवं शासकीय महाविद्यालय अरमारिकाला में शासन के द्वारा 31 जुलाई तक के आदेश होने के बाद भी हतधर्मिता का परिचय दिया गया जो अनुचित है हमारी सेवा अवधि नहीं बढ़ाई जाने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जाएगा


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.