जैसे तैसे भालू के चंगुल से जान बचाकर भागा युवक*बकरकट्टा स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार कर छुईखदान रेफर
संकटमोचक के रूप में मिल गए हेमन्त पांडेय व भोलाराम फारेस्ट कर्मी
साल्हेवारा:- इन दिनों वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में तेंदुपत्ता तोड़ाई व खरीदी चरम पर है पूरे वनांचल क्षेत्र में आप सुबह 10, 11 बजे तक घर मे किसी को नही पाएंगे इस समय वनांचल के ग्रामीण काफी व्यस्त चल रहे है सुबह अंधेरे में ही घर के प्रायः सभी सदस्य खाना बना खाकर लगभग सभी सदस्य शायद ही कोई घर मे छूटता होगा सब पर ज्यादा से ज्यादा तेंदुपत्ता तोड़ने का जुनून सवार है आज सल्हेवारा के झोरीपारा मोहल्ले परिवर्तित नाम (महाकाल नगर) वार्ड नम्बर 16 के तेंदुपत्ता तोड़ने वाले लोग माजदा गाड़ी में सवार होकर रात 2 बजे ही कूच कर लिए थे देखने वालों का कहना रहता है
कि राम गोलाई घाट के नीचे 2 दिनों से सैकड़ो मोटर सायकिल,3 से 4 छोटा हांथी दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर व माजदा वाहन रोड पर खड़े कर पैदल घनघोर जंगल मे अंधेरे में ही लोग तोड़ना चालू कर देते है ततपश्चात 10 11 बजे वापिसी पर फिर तोड़े गए पत्तो की गड्डियां बनाने लगते है एक गड्डी में 50 पत्ते रखना होता है ततपश्चात उन्हें बेचने साल्हेवारा के लोग उन बांधी हुई गड्डियो कि गिनती करने बेचने पोंडी स्थित केंद्र जाकर बेचते है व पुनः दूसरे दिन की तैयारी में जुट जाते है।।
तेंदुपत्ता तोड़ाई की इस जद्दोजहद के बीच आज सुबह वनपरिक्षेत्र कार्यालय साल्हेवारा की बकरकट्टा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम संजारी का रहने वाला युवक भी परिवार व अन्य सदस्यों के साथ तेंदुपत्ता तोड़ने गया था व तेंदुपत्ता तोड़ते तोड़ते उसका भालू से सामना हो गया भालू ने उसपर आक्रमण कर दिया व दाहिनी भुजा व गले के बायीं तरफ पंजा मारने से उसे गम्भीर चोट आई है दाएं हाँथ की भुजा पर भालू के पंजे का प्रहार इतना जबरदस्त था कि भुजा का लोथडा लटक गया व गर्दन की बायीं तरफ पंजा मारने से लहूलुहान तेरस यादव की जानकारी मिलते ही वंही अपनी फील्ड में कार्यरत डिप्टी रेंजर हेमन्त पांडेय व भोलाराम तांडेकर ने समय न गंवाते हुवे उसे स्वास्थ्य केंद्र बकरकट्टा ले गए व आज रविवार होने के स्वास्थ्य केंद्र के बन्द होने के चलते संयोग से अस्पताल के फार्मासिस्ट रमेश कोर्राम के होने की जानकारी मिलते ही डॉ कोर्राम ने फटाफट अस्पताल खोल प्राथमिक उपचार कर उच्च चिकित्सा हेतु छुईखदान रेफर किया जहां से उपचार उपरांत मरीज यह कहकर वापिस आ गया कि मुझे इलाज हेतु और आगे नही जाना है ऐसा जानकार लोग बता रहे हैं।
यंहा यह उल्लेखनीय है कि गर्मी का मौसम आते ही महुवा की फसल व तेंदुपत्ता तोड़ाई के दौरान जंगली सुव्रव भालू के आक्रमण की घटनाएं जंगल क्षेत्र होने से होती ही है।।
एक और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस वनांचल क्षेत्र में तेंदुपत्ता समिति में मुरुम,कुम्हरवाड़ा,बकरकट्टा, रामपुर व साल्हेवारा, साल्हेवारा अ व साल्हेवारा ब उसी प्रकार रामपुर में भी अ व ब दो समितियां है सभी मे तेंदुपत्ता ठेकेदारों का आगमन प्रायः 6,7 मई को हो चुका था लेकिन तोड़ाई व खरीदी चालू होने के पूर्व ही बारिस ने विघ्न डाल दिया था व मौसम खुलने पर आज से ही खरीदी चालू हुई और ये घटना घट गई।।


















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