अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चक्रवाती तूफान "यास" के व्यापक प्रभावों का आंकलन करने ओड़िशा और बंगाल में प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करने के साथ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। पीएम ने उन सभी लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की जो चक्रवात के कारण पीड़ित हुये और आपदा के दौरान अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी आज दिल्ली से पहले ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे। जहां बालासोर और भद्रक के तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। बता दें ओडिशा में भारी तबाही तूफान यास ने ओडिशा को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इसी के साथ राज्य के सीएम नवीन पटनायक ने बाढ़ प्रभावित जिलों के 128 प्रभावित गांवों के परिवारों के लिये सात दिन की राहत की घोषणा कर दी है। ओड़िशा में मीटिंग समाप्ति के पश्चात पीएम मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे जहां मिदनापुर जिले के तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया। इसके बाद कलाईकुंडा में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी किये। चक्रवात 'यास' से बंगाल को पहुंचे नुकसान का आकलन करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को कलाइकुंडा एयरफोर्स बेस पर बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं। हालांकि उन्होंने पीएम मोदी से उसी जगह अलग से मुलाकात की और चक्रवात से बुरी तरह प्रभावित हुये सूबे के दीघा व सुंदरवन इलाकों के विकास के लिये 10-10 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ममता राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के साथ आधा घंटा देरी से कलाइकुंडा एयरफोर्स बेस पहुंचीं। उन्होंने बैठक से पहले पीएम मोदी से अलग से मुलाकात की और यास से बंगाल को पहुंचे नुकसान पर प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। ममता ने दीघा व सुंदरवन के लिये कुल 20,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की और उसके बाद दीघा में प्रशासनिक बैठक का हवाला देते हुये तुरंत वहां से निकल गईं।ममता के बैठक में शामिल नहीं होने की वजह भाजपा नेता व बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को उसमें आमंत्रित किया जाना बताया जा रहा है। इस बीच राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री के प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में भाग नहीं लेने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व उनके अधिकारी अगर बैठक में भाग लेते तो यह राज्य व यहां के लोगों के हित में होता। विरोधात्मक रवैये से राज्य व लोकतंत्र के हितों को नुकसान पहुंचता है। मुख्यमंत्री व उनके अधिकारियों का बैठक में शामिल न होना संवैधानिक नियमों के मुताबिक नहीं है। वहीं सुवेदु अधिकारी ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिये साथ मिलकर काम करने का है। पश्चिम बंगाल में समीक्षा बैठक के बाद पीएम मोदी दिल्ली के लिये रवाना हो गये।
तूफान से चार की मौत
चक्रवाती तूफान के बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराने के बाद भारी बारिश हुई। चक्रवात के दौरान 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवायें चलने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये, खेतों में पानी भर गया। चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। चक्रवात के कारण ओडड़िशा , पश्चिम बंगाल ओर झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओड़िशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुये हैं। बताते चलें चक्रवात ताउते के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला यास दूसरा चक्रवाती तूफान है।


















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