रायपुर 22जून 2021
जहाँ एक ओर बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने की बात कही जाती है वही दूसरी तरफ कुछ बच्चे ऐसे भी है जिन्हें स्कूल क्यों होती हैं इसकी जानकारी तक नहीं। अपना और अपने लोगों का पेट भरने के लिए मजदूरी कर रहे है, पढ़ना लिखना तो दूर की बात कभी विद्यालय का दर्शन भी नही हो पाया है। बहुत से बच्चे ऐसे है जिन्हें सरकार के द्वारा चलाये गए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नसीब ही नही। गरीबी मुफ़लिसी से तंग आकर अपने परिवार के लोगो के साथ गली गली घूम कर कूड़े कचरा बीनना पड़ता है टैब जाकर शाम में इन्हें 2 रोटी नसीब होती है।समाज मे एक ऐसा भी वर्ग है जिनका जीवन ही कचरे के ढेर पर टिका है।यानि कूड़े की ढ़ेर पर ही वह अपने रोटी के जुगाड़ में लगा रहता है।कूड़े की ढेर पर जिंदगी से झुजते और बीमारियों की खुली चुनौती कबूलते कुछ चुनने वालो की जमात आज अपने2वजूद की लड़ाई लड़ रही हैं। लॉक डाउन और कोरोना वायरस से इनका और इनके बच्चों का हाल और भी बदहाल हो गया हैं। इसके अलावा भी लॉक डाउन से शिक्षा के क्षेत्र बहुत प्रभाव पड़ा आज के बच्चों के जीवन एवं भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। परीक्षायें रद्द कर ना बच्चो का साल खराब हो रहा बल्कि उनका भविष्य खतरे में पढ़ता जा रहा है। संस्था अवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी केन्द्र और राज्य सरकार का ध्यान बच्चों के शिक्षा पर आकर्षित करना चाहती है।ये वही बच्चे हैं जो हमारे राज्य व देश का भविष्य है। उनके हक में जायज़ फैसला ही उनके भविष्य को सुधरेगा। संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खान ने रायपुर राजधानी में ऐसे मुफ़लिसी गुरबत बच्चों के भाविष्य के निरंतर कार्य किया है एवं बहुत से बच्चों को अंधकार से निकालकर समाज से जोड़ा है।साथ ही लॉक डाउन के प्रकोप से लोगों को बचाने विगत 173 दिनों से मोहम्मद सज्जाद खान संस्थापक अवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी निशुल्क भोजन वितरण राजधानी के विभिन्न स्थानों में कर रहे है।और निरंतर करते रहेंगे, सरकार का साथ मिले तो जरूरत मंद बच्चों को शिक्षा प्राप्त करवा कर देश हित की भावना पैदा कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाएंगे।
*प्रेषक*
*संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खांन*


















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