Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, June 17, 2021

किसान भाईयों के लिए समसामयिक सलाह

 



देव यादव CNI न्यूज़ बेमेतरा

बेमेतरा 17 जून 2021-बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों के लिए फसलों की तैयारी करने एवं पशुपालन से संबंधित विशेष बातों का ध्यान रखने के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सलाह जारी की गई है। मौसम आधारित कृषि सलाह के अंतर्गत मानूसन की गतिविधियों को देखते हुए जिले के किसानों को खरीफ मौसम में लगने वाले बीज, उर्वरक एवं अन्य आदान सामग्रियों की व्यवस्था कर उनका सुरक्षित भण्डारण करने की सलाह दी गई है। किसानों को बारिश के मौसम में साग-सब्जी वाले खेतों में उचित जल निकास की व्यवस्था करने एवं खेत की सफाई तथा मेड़ों की मरम्मत आवश्यक रूप से समय पर करने की सलाह दी गई है। किसानों को अनाज, फसलों के साथ-साथ बागवानी फसलों की तैयारी करने की भी सलाह दी गई है। वर्षा कालीन सब्जियों की पौध तैयार करने के लिए तथा कद्दु वर्गीय, लौकी, करेला एवं बेल वाली बागवानी फसलो को बाड़ी में लगाने की भी सलाह दी गई है। सीधे बुआई वाली सब्जियों के उन्नत किस्मों की व्यवस्था कर योजना अनुसार खेती की तैयारी करने की भी सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने अमरूद, आम, नींबू एवं अनार में छंटाई करने तथा छटाई किए हुए शाखा के शीर्ष पर बोर्डो पेस्ट का लेपन करने की सलाह भी दी है।

          बारिश में पशुओं को रोग से बचाने टीकाकरण अवश्य कराएं- फसलों की तैयारी के साथ ही जिले के पशुपालकों को अपने मवेशियों का ध्यान रखने और बारिश के मौसम में बीमारियों से बचाने विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने पशुओं को गलघोटु एवं लंगड़ी रोग से बचाने के लिए टीकाकरण करवाने की सलाह किसानों को दी है। चार माह से अधिक उम्र की बकरियों को गोट प्लैट रोग से बचाव के लिए एवं चार से आठ माह की बछिया को बुफेलोसिस या संक्रामक गर्भपात से बचाने के लिए टीकाकरण करवाने की विशेष सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को अपने पालतू पशुओं को साफ पानी पिलाने एवं साफ एवं सुरक्षित जगह में रखने की भी सलाह दी गई है।

          धान के बीज को उपचारित कर बुआई करें किसान- कृषि वैज्ञानिकों ने मानसून वर्षा प्रारंभ होने के साथ ही खेतों की जुताई कर खरीफ फसलों की बुआई करने की अपील किसानों से की है। आवश्यकतानुसार खेतों को तैयार कर धान, अरहर एवं मक्का आदि फसलों की बुआई करने की सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने धान का थरहा डालने या बुआई करने से पहले स्वयं उत्पादित बीजों को 17 प्रतिशत नमक के घोल से उपचारित करने की सलाह दी है। प्रमाणित या आधार श्रेणी के बीजों को पैकेट में प्रदाय किए गए फफूंद नाशक से अवश्य रूप से उपचारित करने की सलाह भी दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने धान की रोपाई वाले कुल क्षेत्र के लगभग दसवें भाग में नर्सरी तैयार करने एवं मोटा धान वाली किस्मों की मात्रा 50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या पतला धान की किस्मों की मात्रा चार किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से बीज डालने की सलाह किसानों को दी है।


देव यादव

सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा छत्तीसगढ़

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad