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Saturday, June 12, 2021

महामाया धाम बुचिपुर के महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर मांगी पति की लंबी उम्र

  देव यादव सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा

बेमेतरा नवागढ़/ माँ महामाया धाम बुचिपुर के सुहागिन महिलाओ ने वट वृक्ष की पूजा अर्चना किया। यहां पुजा अर्चना ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन सोमवार को विवाहिताओं ने उपवास रखकर वट वृक्ष का पूजन किया। वट सावित्री व्रत के साथ पूजा कर विवाहिताओं ने अपने पति की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की। महानगर के साथ साथ गांव की महिलाओं नेें वट वृक्षों के नीचे सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पूजन-अर्चन का कार्यक्रम चलता रहा और मंगलगीत गूंजते रहे।

सोमवार को विवाहित महिलाओं ने सुबह नहा-धोकर व्रत का संकल्प लिया और विविध प्रकार के पकवान बनाए। इसके बाद अपने आसपास के वट वृक्षों के नीचे जाकर पूजा-अर्चना की, वहां ब्रह्मा-सावित्री व सावित्री-सत्यवान का प्रतीक बनाकर उनका विधि-विधान से पूजन किया। जिसमें सभी सुहाग सामग्रियां को शामिल किया गया। वट वृक्ष की जड़ को जल से सींचा गया। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा लगाई। महिलाएं सूत से वट वृक्ष के तने को लपेटती जा रही थीं। 

कुछ महिलाओं ने तने में 108 बार तो कुछ ने सिर्फ सात बार सूत लपेटते हुए परिक्रमा पूरी कर ली। इसके बाद बांस से बने नए पंखे से वट वृक्ष को झलीं करते हुए मंगलगीत गाए गए। पूजन के बाद वट वृक्ष को चढ़ाई गई, सौभाग्य सामग्रियों को पुरोहित को दान दिया और व्रत के महत्व से संबंधित कथाएं सुनीं। फिर वट वृक्ष की कली पानी के साथ निगलकर पारण किया। माँ महामाया धाम बुचिपुर में शनि मंदिर स्थित वट वृक्ष की पूजा करने आईं महिलाओं ने बताया कि यह व्रत सावित्री द्वारा अपने पति को पुन:जीवित करा लेने की याद में रखा जाता है।

वट वृक्ष की पूजा अखंड सौभाग्य पति की दीघार्यु व अक्षय उन्नति के लिए की जाती है। बुचिपुर गांव में स्तिथि शनि मंदिर पास के जगह मौजूद वट वृक्षों की पूजा अर्चना को दोपहर तक महिलाएं व नव विवाहिताएं पहुंचती रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विवाहिताओं व नवविवाहित महिलाओं ने वट वृक्ष का पूजन किया।


सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा छत्तीसगढ़ देव यादव

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