अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर -- खुरहा - चपका बीमारियों से निजात दिलाने हेतु गोवंशो को किये गये टीकाकरण के बाद 50 गोवंशों की मौत हो गई वही अनेक गोवंश गंभीर हालत में है। बरसात की शुरुआत से ही जिस तरह गायों की मौत हो रही है उससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा , गरूआ , घुरुवा , बाड़ी अभियान पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। राष्ट्रीय स्तर के गो सेवा संगठन कामधेनु सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने घटना को दु:खद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये शासन प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। उचित कार्यवाही नही होने पर कामधेनु सेना ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के कोरबी में बरसात के पूर्व मवेशियों में होने वाली बीमारी (खुरहा , चपका) की रोकथाम के लिये पशु चिकित्सा विभाग द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है। टीका करने के दूसरे दिन से ही गायों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। सूत्रों द्वारा जानकारी दिये जाने के समय तक पूरे गांव में 50 गोवंशों की मौत हो चुकी है और लगभग एक सौ गोवंशों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक समेत कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल गायों का पोस्टमार्टम कराया गया है , उनकी मौत किन कारणों से हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। इस मामले को लेकर कामधेनु सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने चिंता व्यक्त करते हुये कहा है कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। विशेषज्ञों द्वारा इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। इसके साथ ही मवेशियों के मालिकों को तत्काल मुआवजा दिया जाये ताकि उन्हें क्षतिपूर्ति के साथ आर्थिक मदद भी मिल सके। छग प्रदेशाध्यक्ष तिवारी ने कहा है कि इस मामले में समुचित कार्यवाही नही होने पर कामधेनु सेना आंदोलन भी कर सकती है।


















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