बागबाहरा 15 जुलाई 2021/ राज्य सरकार के खाली खजाने का असर अब केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना पर मंडराने लगी है। राज्य सरकार की उदासीनता के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना का हाल बेहाल है। योजना के तहत बनाए जा रहे मकान किस्त के अभाव में अधूरे पड़े हैं। निर्माण कार्य ठप हो गया है और खंडहर में तब्दील होने लगा है। विकासखण्ड में हजारों ऐसे गरीब हैं जिनका आशियाना अधूरा है। वहीं बारिश का मौसम नजदीक आने के कारण इन गरीबों की चिंता बढ़ गई है। जनपद उपाध्यक्ष भेखलाल साहू का कहना है कि राज्य शासन द्वारा किस्त की राशि जारी नहीं कर पा रही है जिसके चलते गरीबों को अपने सपने के घरों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
जनपद पंचायत बागबाहरा के उपाध्यक्ष भेखलाल साहू का कहना है कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना के क्रियान्वयन में राज्य सरकार ग्रहण लगा रही है। विकासखण्ड में प्रधानमंत्री आवास के तहत लाभर्थियों को उनका किस्त नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते गरीब परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है। जिनके पास पक्का छत नहीं था, उनके सपनों का घर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि आवंटित की गई, लेकिन राज्य सरकार निर्माण पूर्ण होने के बाद भी किस्त जारी नहीं कर रही है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव को निंदनीय बताते हुए भेखलाल साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने सपना देखा कि हर गरीब का पक्का आशियाना हो लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार नहीं चाहती कि गरीब के घर में पक्का छत हो, इसलिए किस्तों की राशि जारी नही कर रही। जिसके कारण लाभर्थियों को निर्माण कार्य के लिए अधिक दर में सामग्री खरीदनी पड़ रही है। जिससे निर्माण की लागत अत्यधिक हो रही है। गरीब परिवार इसका वहन नहीं कर पा रहा है। कई परिवार तो उधार में दुकानों से सामान लिए हैं। दुकानदार उनके घरों का चक्कर काट रहे हैं जिससे गरीब परिवार मुंह चुरा कर भाग रहा है।जपं उपाध्यक्ष भेखलाल साहू ने गरीब और आश्रित परिवारों की मदद के लिए तत्काल राशि उपलब्ध कराने की मांग की है, जिससे गरीब आश्रित परिवार अपने घर को बचा सके। उन्होंने बताया कि सामने वर्षा काल चालू हो गया है। कई लोगों के प्रधानमंत्री आवास अभी भी अपूर्ण स्थिति में हैं। ऐसे हालात में वह कैसे अपने आवास को पूर्ण कर पाएंगे। बारिश के दौरान उनके सामने बहुत बड़ी समस्या खड़ी होगी। इसलिए तत्काल हितग्राहियों को क़िस्त की राशि जारी की जाए। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भेखलाल साहू ने बताया कि राज्य सरकार की उदासीनता के चलते वर्ष 2018- 19 में 3192 आवास स्वीकृति मिली जिसमें से 1156 आवासों की अंतिम क़िस्त 10000 बाकी है, वर्ष 2019-20 में 3212 स्वीकृत हुई जिसमें से 1899 को चौथी क़िस्त 15 हजार नही मिल पाई ही।2020- 21 में करीब 3212 आवास स्वीकृत किए गए, जिसमें 467 हितग्राहियों को तीसरी किस्त 40 हजार अप्राप्त है। जबकि विकासखण्ड में किश्तों के मायाजाल में गरीब परिवार का आवास का निर्माण अपूर्ण है। जिसमे सरकार से 5 करोड़ 87 लाख 80 हजार की अभी तक संपूर्ण किस्त की राशि नहीं मिली जो दुर्भाग्यजनक है।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.