दल्लीराजहरा- नगर के सबसे बड़े अस्पताल कहे जाने वाले शहीद अस्पताल अब शहीद कामरेड शंकर गुहा नियोगी के बताए रास्तों में ना चलकर अपनी अलग रणनीति में चलता नज़र आ रहा है। जिसमे देंखने आया कि शहीद अस्पताल ने अब अस्पताल परिसर में कैंटीन खोलकर भर्ती मरीजों पर दबाव बनाकर उन्हें अस्पताल परिसर से ही समान खरीदने को मजबूर कर रहे है। जिसके चलते शहीद अस्पताल के भरोसे नीचे वर्षों से चल रहे छोटे होटलों का जनजीवन काफी प्रभावित होता नजर आ रहा है। जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति डगमगाने लगी है और उन्हें रोजगार के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि शहीद अस्पताल में कैंटीन खुलने के पूर्व नीचे होटल वालो ने इसका विरोध किये थे परंतु स्थानीय एसडीएम व शहीद अस्पताल प्रबंधक ने अनदेखी करते हुए कार्यवाही नही किये। और आज वर्तमान समय मे अस्पताल के भरोसे चल रहे होटल पूरे सुनसान नज़र आ रहे है। जिसमे उन्हें रोजी निकालने के लिए भी काफी मसक्कत करना पड़ रहा है।
आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण ही शहीद अस्पताल के पास बेचने लगे शराब
ज्ञात हो कि पूर्व में शहीद अस्पताल के पास अवैध शराब बिकने की घटना लगातार सामने आ रही थी। जिसका मूल कारण बढ़ती बेरोजगारी व आर्थिक स्थिति खराब होना था।
शहीद अस्पताल प्रबंधक को यह बात समझना था कि अस्पताल के भरोसे कई जिंदगियां चलती है। तो ऐसे हालात में अस्पताल परिसर में कैंटीन खोलकर गरीब दबके जनता को बेसहारा करना नियोगी धारा के विरूद्ध है।
सी एन आई न्यूज़ के लिए दल्लीराजहरा से प्रदीप सहारे की रिपोर्ट


















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