अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रांची - झारखंड को आथ रमेश बैस के रूप में नया राज्यपाल मिल गया है , प्रदेश के दसवें राज्यपाल के रूप में रमेश बैस ने शपथ ली। राजभवन के बिरसा मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉक्टर रवि रंजन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।उन्होंने झारखंड की पहली और इकलौती महिला राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू की जगह नये राज्यपाल पद की शपथ ली। झारखंड में अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल द्रौपदी मुर्मू का रहा। उन्हें 18 मई 2015 को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था।
वे छह साल से भी अधिक वक्त के लिये झारखंड की राज्यपाल रही थीं। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कोविड-19 के दिशा-निर्देश के मुताबिक राजभवन में आयोजित सादे समारोह में शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल रमेश बैस को बुके सौंपकरं बधाई दी। राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्मंत्री हेमंत सोरेन के अलावा विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो , मंत्री रामेश्वर उरांव , आलमगीर आलम , मिथिलेश कुमार ठाकुर , सत्यानंद भोक्ता , प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सह सांसद दीपक प्राकश , रांची के सांसद संजय सेठ , विधायक सीपी सिंह , मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा समेत झारखंड मंत्रिमंडल के सदस्य , सरकार के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
त्रिपुरा के राज्यपाल रह चुके
झारखंड के दसवें राज्यपाल रायपुर (छत्तीसगढ़) निवासी रमेश बैस का जन्म 02 अगस्त 1947 को रायपुर में हुआ। रमेश बैस 1989 में पहली बार सांसद बने। तब से वे लगातार 2019 तक रायपुर का प्रतिनिधित्व करते रहे। वे वर्ष 1978 में रायपुर नगर निगम के लिये चुने गये थे। वर्ष 1980 से 1984 तक मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य भी थे। वे 1989 में रायपुर , मध्यप्रदेश (अब छत्तीसगढ़) से 9वीं लोकसभा के लिये चुने गये थे और 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा में लगातार निर्वाचित हुये थे। उन्होंने भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्यमंत्री भी थे। वे लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक भी रहे। रमेश बैस ने कांग्रेस के कद्दावर नेता विद्याचरण शुक्ल और श्यामाचरण शुक्ल जैसे नेताओं को हराया है , उनकी एक खास बात यह है कि वे कभी चुनाव नहीं हारे। सत्तर वर्ष से अधिक उम्र हो जाने के आधार पर 2019 में भाजपा ने लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया था , लेकिन इनकी प्रतिबद्धता के मद्देनजर जुलाई 2019 में त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया और अब उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
त्रिपुरा में आर्य ने ली राज्यपाल की शपथ
आज का दिन राज्यपालों के शपथ ग्रहण समारोहों के नाम रहा। झारखंड में यह समारोह हुआ तो उधर त्रिपुरा में भी नये राज्यपाल के तौर पर सत्यदेव नारायण आर्य ने शपथ ग्रहण की। राज्य के मुख्य न्यायाधीश ए० के० कुरैशी ने पुराने राजभवन में आर्य को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई और आर्य त्रिपुरा के 19वें राज्यपाल बने। बता दें कि त्रिपुरा आने से पहले आर्य , हरियाणा के राज्यपाल थे। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, स्पीकर रेबती मोहन दास समेत तमाम मंत्री और आला अधिकारी समारोह में मौजूद थे। गौरतलब है कि झारखंड के राज्यपाल बने रमेश बैस 2019 से त्रिपुरा के राज्यपाल थे , जिनकी जगह अब आर्य ने ली है।



















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