अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- संसद के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामें और नारेबाजी का भेंट चढ़ गया , जिसके चलते दोनो सदनों की कार्यवाही अगले दिन तक के लिये स्थगित कर दी गई। सत्र के पहले दिन लोकसभा में नये सांसदों को शपथ दिलाई गई। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ अभिनेता दिलीप कुमार और फ्लाइंग सिख मिल्खा समेत इस वर्ष जान गंवाने वाले सांसदों और प्रसिद्ध हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा के पिछले दिनों दिवंगत हुये वर्तमान सदस्य डॉ. रघुनाथ महापात्र एवं राजीव सातव के सम्मान में उच्च सदन की बैठक को एक घंटे के लिये स्थगित कर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा में मंत्रिपरिषद के नये सदस्यों का परिचय कराने के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत कुछ अन्य विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि दलित , आदिवासी , ओबीसी और महिला मंत्रियों का यहां परिचय कराया जाये। बताते चलें कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नये मंत्रियों का सदन में परिचय देने के लिये प्रधानमंत्री मोदी जैसे ही खड़े हुये , विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। सदन में कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने तंज कसते हुये कहा मैं सोच रहा था कि सदन में एक उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बड़ी संख्या में हमारी महिला सांसद मंत्री बनी हैं। आज खुशी का माहौल होगा कि आदिवासी साथी बड़ी संख्या में मंत्री बने हैं। पीएम ने कहा कि किसान परिवार और ग्रामीण परिवेश से आने वाले , सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समाज से आने वालों को बड़ी संख्या में मंत्रिपरिषद में स्थान मिला है , उनके परिचय में खुशी होनी चाहिये थी। मोदी ने कहा कि दलित मंत्री बनें , महिला मंत्री बनें , ओबीसी मंत्री बनें , किसान परिवारों के लोग मंत्री बनें। शायद यह बात कुछ लोगों को रास नहीं आती , इसलिये वे उनका परिचय भी नहीं होने देते। उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि मंत्रियों का परिचय हो गया समझा माना जाये। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से शांत होने और मंत्रियों का परिचय होने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि परंपराओं को ना तोड़ें , आप लंबे समय तक शासन में रहे हैं ,आप परंपरा को तोड़कर सदन की गरिमा को कम नहीं करें और इस सदन की गरिमा को बनाए रखें। प्रधानमंत्री जी सदन के नेता हैं और फेरबदल के बाद मंत्रिपरिषद का परिचय करा रहे हैं ,आप सदन की गरिमा को बनाए रखें। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से शांति से नये मंत्रियों का परिचय होने देने की अपील की। वहीं सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों से सदन में शांति बनाये रखने की अपील की थी।
कोरोना पर फ्लोर लीडर्स की बैठक कल
कोरोना टीकाकरण नीति पर चर्चा के लिये पीएम नरेंद्र मोदी कल शाम छह बजे लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। मोदी ने कहा मैं चाहता हूं कि सदन में महामारी समेत सभी मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। सारे सुझाव भी सांसदों से मिलें, इससे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नयापन आ सकता है। कुछ कमी रह गई हो तो उन्हें ठीक किया जा सकता है। मैंने सभी फ्लोर लीडर्स से भी चर्चा की है कि अगर वे कल (मंगलवार) शाम को समय निकालें तो उनसे पेंडेमिक के बारे में चर्चा करना चाहता हूं। मैं लगातार अलग-अलग मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर रहा हूं। इसलिये सदन जब चल रहा है तो इस पर बात करने में आसानी होगी। मानसून सत्र के लिये लोकसभा में दो वित्त बिल समेत कुल 23 बिल सूची में हैं। इनमें से 06 बिल पिछले सत्र से लंबित हैं, जबकि 17 नये बिल हैं। नये लाए जाने वाले 17 बिलों में से 02 को अध्यादेश की जगह लाया गया है। इस तरह मानसून सत्र में नये बिल की संख्या 15 रहेगी। यह सत्र 13 अगस्त तक चलना है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी लोकसभा में किसान कानून के खिलाफ स्थगन का प्रस्ताव देंगे। सरकार की कोशिश है कि यह सत्र हंगामे की भेंट ना चढ़े , क्योंकि विपक्ष किसान आंदोलन और कोरोना के बहाने सरकार को घेरने की तैयारी में है। रविवार को हुई सर्व दलीय बैठक में मोदी ने कहा कि सरकार संसद में सार्थक चर्चा के लिये तैयार है।


















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