Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Friday, July 23, 2021

मृत व्यक्ति को ही बना दिया पुलिस ने अपराधी



21 जून को नगर निगम की टीम 27 खोली मंगला रोड स्थित होली क्रास स्कूल के पास निजी जमीन पर कब्जा खाली कराने पहुंची थी।आरोप है कि इस दौरान कब्जाधारियों ने नगर निगम टीम के प्रभारी प्रमिल शर्मा व उनकी टीम के साथ विवाद कर हाथापाई कर दी गई। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद हो गया। फिर बाद में नगर निगम की टीम ने इस मामले की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज करा दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ गैरजमानतीय धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया। लेकिन इस प्रकरण में पुलिस ने जिन नौ लोगों को आरोपित बनाया है, उनमें मृतक बंशी यादव को भी अपराधी बना दिया है।


जबकि उनकी 2018 में मौत हो चुकी है। इसी तरह एक ऐसी महिला है जो इस घटना में थी ही नहीं। यानी काल्पनिक नाम यशोदा बाई को भी आरोपित बनाया है। पुलिस की इस आपराधिक प्रकरण को फर्जी बताते हुए पीड़ित पक्ष ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन प्रस्तुत किया है। प्रकरण में बताया गया कि कब्जाधारी महिला रानी यादव को निगम ने उन्हें कोई नोटिस ही नहीं दिया है। वहीं 80 साल से काबिज इस जमीन पर अचानक से मालिकाना हक जताने आशा सिंह व स्वजन पहुंच गए, जिनके पक्ष में निगम के अधिकारी रंगदारी करने पहुंचे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद कोर्ट ने तय शर्तों पर आरोपितों को अग्रिम जमानत दे दी है।तहसील कोर्ट का स्टे, फिर भी करा दिया तोड़ फोड़


कोर्ट को यह भी बताया गया कि इस मामले में तहसील कोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित हुआ है। उसी आदेश के आधार पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी। इस दौरान पता चला कि कोर्ट का स्थगन है। फिर भी निगम की टीम ने बलात रूप से कब्जा खाली कराने व दीवार तोड़ने पहुंची थी, जो तहसील कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad