21 जून को नगर निगम की टीम 27 खोली मंगला रोड स्थित होली क्रास स्कूल के पास निजी जमीन पर कब्जा खाली कराने पहुंची थी।आरोप है कि इस दौरान कब्जाधारियों ने नगर निगम टीम के प्रभारी प्रमिल शर्मा व उनकी टीम के साथ विवाद कर हाथापाई कर दी गई। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद हो गया। फिर बाद में नगर निगम की टीम ने इस मामले की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में दर्ज करा दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ गैरजमानतीय धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया। लेकिन इस प्रकरण में पुलिस ने जिन नौ लोगों को आरोपित बनाया है, उनमें मृतक बंशी यादव को भी अपराधी बना दिया है।
जबकि उनकी 2018 में मौत हो चुकी है। इसी तरह एक ऐसी महिला है जो इस घटना में थी ही नहीं। यानी काल्पनिक नाम यशोदा बाई को भी आरोपित बनाया है। पुलिस की इस आपराधिक प्रकरण को फर्जी बताते हुए पीड़ित पक्ष ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन प्रस्तुत किया है। प्रकरण में बताया गया कि कब्जाधारी महिला रानी यादव को निगम ने उन्हें कोई नोटिस ही नहीं दिया है। वहीं 80 साल से काबिज इस जमीन पर अचानक से मालिकाना हक जताने आशा सिंह व स्वजन पहुंच गए, जिनके पक्ष में निगम के अधिकारी रंगदारी करने पहुंचे थे। मामला संज्ञान में आने के बाद कोर्ट ने तय शर्तों पर आरोपितों को अग्रिम जमानत दे दी है।तहसील कोर्ट का स्टे, फिर भी करा दिया तोड़ फोड़
कोर्ट को यह भी बताया गया कि इस मामले में तहसील कोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित हुआ है। उसी आदेश के आधार पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी। इस दौरान पता चला कि कोर्ट का स्थगन है। फिर भी निगम की टीम ने बलात रूप से कब्जा खाली कराने व दीवार तोड़ने पहुंची थी, जो तहसील कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.