महासमुंद 02 अगस्त 2021/सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर सरकार के दावे भले ही बड़े-बड़े हों, लेकिन सच्चाई ये है कि खुद सरकार की अनदेखी के चलते स्कूली शिक्षा का ढांचा चरमराता दिख रहा है। इसका कारण, स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। जिला मुख्यालय से 15 किमी. दूरी पर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला कमरौद विख बागबाहरा यहां इस वर्ष 2021-22 में शाला में कुल दर्ज संख्या 77 बच्चे है। यह स्कूल एकल शिक्षकीय हो गए है, यहां पढ़ाने के लिए शिक्षक नही है , इस स्कूल में मात्र दो शिक्षक बच्चों के भविष्य को संवारने में लगे हैं। स्कूल के दो शिक्षक में एक शिक्षक का अध्यापन व्यवस्था हेतु मचेवा स्कूल में कार्य पर लगा दिया गया है।
छात्रों के दर्ज औसत के अनुसार जहां 3 शिक्षक होना था, वहां एक हि शिक्षक संभाल रहे है। प्राथमिक विद्यालय पिछले काफी समय से एक-दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। इससे विद्यालयों में बच्चों का अध्यापन में कार्य बाधित हो रहे है।
शासन ने तो निर्देश तो दे दिए लेकिन स्कूल में शिक्षक कि कमी को कब पुरी करेंगे। क्या बच्चों कि भविष्य को संवारने शासन इसका निवारण करेंगे।




















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