अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली --हमारी परिषद आपस में भेदभाव को दूर कर सभी को एकसूत्र में पिरोते हुये स्वहित से परहित की भावनाओं के साथ समाज के सक्षम लोगों के सहयोग से विभिन्न कल्याणकारी योजनायें संचालित कर रही है जो आगे भी निर्बाध गति से जारी रहेगी।
उक्त बातें परिषद के विवाह प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक पंडित रमेशचंद्र पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस में चर्चा करते हुये अरविन्द तिवारी से कही। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये आगे बताया कि अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद् का गठन ब्राह्मणों के स्वाभिमान की रक्षा ,सुरक्षा , सहयोग एवं जीवन के प्रत्येक क्षेत्र जैसे अध्ययन , रोजगार , विवाह आदि क्षेत्रों में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से 15 अक्टूबर 2016 में हुआ। स्वहित से परहित की भावना संजोये विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करती परिषद की जिम्मेदारी आपस में भेदभाव को दूर कर सभी वर्गों को जोड़कर रखने तथा निरंतर विकास के साथ राष्ट्र को एकसूत्र में बांधकर रखना है। इस परिषद के अन्तर्गत विवाह / शिक्षा / व्यापार/ विधि / चिकित्सा / धर्म एवं सांस्कृतिक/ कृषि/युवा/ महिला सहित विभिन्न प्रकोष्ठ गठित है। इस संगठन द्वारा विवाह प्रकोष्ठ के अन्तर्गत समाज के विवाह योग्य बालक बालिकाओं हेतु बायोडाटा का प्रसारण सैकड़ों व्हाट्सएप , टेलिग्राम ग्रुप के माध्यम से आमजनों को उपलब्ध कराये जाते हैं। यह प्रकोष्ठ विवाह तय करने में मददगार साबित हो रहा है। परिषद में बाईस राज्यों में विस्तार करते हुये प्रदेश , जिला , विकासखण्ड स्तारीय इकाईयों के द्वारा संगोष्ठी , सम्मेलन आदि के माध्य्म से सबको एक सूत्र में बांधकर आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिषद द्वारा विभिन्न प्रदेश , जिला ईकाईयों द्वारा नि:शुल्क ठहरने एवं भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। शिक्षा प्रकोष्ठ के माध्यम से परिषद नवमी से दसवीं तक लाईव ऑनलाइन क्लासेस एवं नीट/ जी/ आईएएस/ आईपीएस/ आईएफएस/ सिविल सर्विसेज एवं तकनीकी कोर्सों में वेव विकास , पायथन प्रोगामिंग , मोबाईल ऐप डेवलपमेंट एवं अन्य विषयों को न्यूनतम शुल्क पर समाज के बालक बालिकाओं को पढ़ाया जा रहा है। शिक्षा प्रकोष्ठ के माध्यम से समाज के निर्धन छात्रों को उनकी शिक्षा व्यवस्था के लिये आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ साथ मेधावी छात्र छात्राओं को लैपटाप , मोबाइल आदि देकर प्रोत्साहित कर रही है। शिक्षित बालक बालिकाओं को रोजगार / स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी सहयोग कर रही है। बालक बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु रोजगार मूलक प्रशिक्षण प्रदान करने एवं स्वरोजगार से स्थापित करने हेतु शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ छात्र छात्राओं को दिलाये जाने परिषद सहयोग कर रही है। विधि प्रकोष्ठ के माध्यम से कमजोर एवं निर्धन लोगों को नैसर्गिक न्याय दिलाने हेतु परिषद हर स्तर पर सहयोग कर रही है। इस कार्य में समाज के सक्षम लोग बढ़-चढ़कर तन मन धन से सहयोग कर रहे हैं।


















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