किशोर समरीते बाबा साहब को संविधान की किताब वापस कर अपमान कर रहें हैं - सूरज ब्रम्हे ( बाबा साहेब ने संविधान की किताब देश की 135 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए दिया है )
बैहर बालाघाट ।
मिशन न्यू इंडिया नरेंद्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यभारत जोन के प्रभारी सूरज ब्रम्हे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरीते मानसिक बीमारी का शिकार हो चुके हैं। उनके द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित शीर्षक " बाबा साहब की प्रतिमा को समरीते भेंट करेगें संविधान" नामक शीर्षक में किशोर समरीते 4 अगस्त को बालाघाट आंबेडकर चौक में स्थापित बाबा साहेब अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर संविधान की किताब भेंट करने की बात प्रकाशित हुई है। संविधान की किताब बाबा साहेब की प्रतिमा को भेंट करने का मतलब है कि बाबा साहेब जी के द्वारा देश को दी गई संविधान की किताब में लिखी गई अनुछेद को पूर्व विधायक किशोर समरीते स्वीकार नही कर रहें हैं। संविधान की किताब बाबा साहेब को वापस कर हमारे देश के संविधान का तथा संविधान के रचयिता परम पूज्य बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर जी का अपमान कर रहें हैं। किशोर समरीते का कहना है कि बालाघाट जिले में संविधान, कानून का पालन नही किया जा रहा है। शायद पूर्व विधायक किशोर समरीते को मालूम नही की भारत देश की कानून व्यवस्था बाबा साहेब के द्वारा लिखित संविधान के अनुच्छेद के अनुसार ही संचालित हो रहा है। संविधान से बढ़ कर ना कोई मंत्री है ना ही कोई अधिकारी। यदि उन्हें ऐसा लगता है कि बालाघाट जिले में संविधान का पालन नही किया जा रहा है तो संविधान में ही न्याय पालिका की व्यवस्था भी है। वे न्यायलय की शरण मे जा सकते हैं। किन्तु जिस संविधान को बनाने के लिए 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे थे और 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुआ था । तथा 114 दिन इस पर बहस हुई थी। और पांच प्रमुख समितियाँ जिसमे प्रारूप समिति, वार्ता समिति, संघ संविधान समिति, प्रान्तीय समिति तथा संघ शक्ति समिति बनाई गई थी तब जाकर संविधान का निर्माण किया गया था। और पूर्व विधायक किशोर समरीते संविधान की किताब को जिन्होंने संविधान की रचना की उन्ही को वापस करके उनका अपमान करने जा रहें हैं। इसकी हम घोर निन्दा करते हुवे जिला प्रशासन से मांग करते हैं कि 4 अगस्त को किशोर समरीते द्वारा संविधान की किताब को बालाघाट अम्बेडकर चौक में बाबा साहेब जी की प्रतिमा में भेंट करने पर रोक लगाई जाये। चूंकि किशोर समरीते पर लांजी क्षेत्र में बाबा साहेब की प्रतिमा में कंडुम की माला पहनाने का मामला भी पंजीबद्ध हुआ था जो न्यायालय में विचाराधीन है। किशोर समरीते जन चर्चा में बने रहने के लिए कोई ना कोई ड्रामा करते रहते हैं। जबकि हमारे जिले में जन समस्या का अम्बार लगा हुआ है। यदि किशोर समरीते जनता के बीच मे चर्चा में बने रहना चाहते हैं तो क्षेत्र की जन समस्या और क्षेत्र के विकास की बातों को उठाना चाहिए लेकिन इनके द्वारा कभी क्षेत्र की जन समस्या को नही उठाया गया। जब भी ये कोई मामला उठाते हैं। हमेशा विवादों से घिरे रहते हैं। श्री ब्रम्हे ने कहा कि भारत देश का बच्चा-बच्चा संविधान के सामने नत मस्तक है। यदि कोई संविधान का अपमान करेगा तो उसे बर्दास्त नही किया जायेगा। क्योंकि भारतीय संविधान पर 135 करोड़ जनता की आस्था जुड़ी हुई है।


















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